हैदराबाद , मार्च 16 -- तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा एवं विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते ेहुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और राज्य के लिए भविष्य के रोडमैप पर प्रकाश डाला।
तेलुगु, अंग्रेजी और हिंदी में एक घंटे से अधिक समय तक चले अपने भाषण में, राज्यपाल ने सरकार का विजन दस्तावेज "तेलंगाना राइजिंग 2047" प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य 2047 तक राज्य को तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, जिसमें 2034 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का अंतरिम लक्ष्य शामिल है।
राज्यपाल ने कहा कि तेलंगाना का वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 17.82 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जबकि प्रति व्यक्ति आय 4.18 लाख रुपये हो चुकी है। राज्य की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है, जो सकल लाभ (जीवीएसी) का 68.6 प्रतिशत है, जबकि आईटी निर्यात 3.13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे 9.39 लाख से अधिक रोजगार सृजित हो रहे हैं।
सरकार की विकास रणनीति पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि राज्य ने संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए क्योर-प्योर-रेयर मॉडल को अपनाया है। क्योर (कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी) हैदराबाद में सतत शहरी विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा, प्योर (पेरी-अर्बन रीजन इकोनॉमी) आउटर रिंग रोड एवं रीजनल रिंग रोड के बीच विनिर्माण एवं रसद को बढ़ावा देगा, और रेयर (रूरल एग्रीकल्चर रीजन इकोनॉमी) कृषि एवं ग्रामीण आजीविका को मजबूत करेगा।
राज्यपाल ने प्रमुख शहरी पहलों में जीएचएमसी का साइबरबाद, मलकाजगिरि और जीएचएमसी में त्रिविभाजन, 55 किलोमीटर लंबी मूसी नदी तट बदलाव परियोजना, फ्यूचर सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन और 30,000 एकड़ में फैले हरित क्षेत्र वाले स्मार्ट शहर भारत फ्यूचर सिटी के विकास का उल्लेख किया।उन्होंने हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी और वारंगल एवं आदिलाबाद में नए हवाई अड्डों की स्थापना पर भी प्रकाश डाला।
राज्यपाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकार ने 2025-26 के लिए 26,684 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें 236.87 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। राज्य ने रायथु भरोसा योजना के तहत 8,744 करोड़ रुपये जारी किए हैं और 25 लाख से अधिक किसानों के दो लाख रुपये तक के फसल ऋण माफ किए हैं, जो कुल मिलाकर 20,616 करोड़ रुपये हैं।
कल्याणकारी योजनाओं पर उन्होंने कहा कि सरकार ने 15.12 लाख नए राशन कार्ड जारी किए, 4.5 लाख घरों को लक्षित करते हुए इंदिराम्मा इंदलू आवास योजना शुरू की और महालक्ष्मी योजना लागू की, जिसके द्वारा महिलाओं ने 269 करोड़ से अधिक मुफ्त बस यात्राएं की हैं और यात्रा लागत में 9,222 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें इंदिरा महिला शक्ति कार्यक्रम, स्वयं सहायता समूहों का विस्तार और एक करोड़ महिला उद्यमियों को तैयार करना शामिल है। शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में, सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल, यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी और डॉ. मनमोहन सिंह अर्थ साइंसेज यूनिवर्सिटी जैसे विशेष संस्थानों की स्थापना कर रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में, सरकार वारंगल हेल्थ सिटी, नए टीआईएमएस अस्पतालों और 17 मेडिकल कॉलेजों के साथ चिकित्सा अवसंरचना का विस्तार कर रही है जबकि राजीव आरोग्यश्री योजना के अंतर्गत प्रति परिवार को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक का कवरेज प्रदान कर रही है।
राज्यपाल ने शासन सुधारों पर भी प्रकाश डाला, जिनमें प्रजा पालना की 99 दिवसीय कार्य योजना, राज्यव्यापी जाति एवं सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण, शिक्षा और रोजगार में बीसी के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण और प्रमुख भर्ती सुधार शामिल हैं, जिनके परिणामस्वरूप 67,763 सरकारी पदों को भरा गया है।
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