चंडीगढ़ , मार्च 31 -- पंजाब के आतंकवाद प्रभावित परिवारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भेंट कर अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए शहीद पुलिस कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के लिए लंबित वित्तीय पैकेज और मुआवजा जारी करने की मांग की। इसके साथ ही विशेष पारिवारिक पेंशन लाभों के विस्तार तथा नागरिक पीड़ितों की विधवाओं और माता-पिता की पेंशन में वृद्धि की मांग भी रखी गई। उन्होंने पूर्व में लिए गए नीतिगत निर्णयों को लागू करने, प्लॉट आवंटन और नियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाने तथा विशेष रूप से रेड और व्हाइट कार्ड धारक आतंकवाद प्रभावित परिवारों को रियायती या निःशुल्क प्लॉट देने की मांग की।
रोजगार से जुड़े मुद्दों पर प्रतिनिधिमंडल ने पात्रता शर्तों में छूट देकर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने तथा सरकारी नौकरियों में आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए आरक्षण की मांग की। इसके अतिरिक्त आतंकवाद के दौरान विस्थापित होकर बाद में पंजाब लौटे परिवारों के बुजुर्ग सदस्यों के लिए पेंशन सहायता देने की भी मांग की गई।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों और विभागों से इस विषय पर चर्चा कर मांगों की सकारात्मक और रचनात्मक ढंग से समीक्षा सुनिश्चित करेंगे। राज्यपाल ने आतंकवाद प्रभावित परिवारों के कल्याण, पुनर्वास और सहयोग के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रतिनिधिमंडल में सतिंदरपाल सिंह सिद्धू, डॉ. बी.आर. हस्तीर, प्रिंस कुमार, रमन कुमार, जसकरण सिंह, मनजीत कौर, शिंदर कौर, चंचल मनहास, दर्शन कौर, जसबीर कौर, बलविंदर कौर, बीरो, बलबीर कौर, कुलविंदर कौर, वर्षा रानी, पावना देवी, त्रिप्ता शर्मा, चरणजीत कौर, कश्मीर कौर, सविंदर कौर और रीता जुनेजा शामिल थे।
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