चंडीगढ़ , फरवरी 16 -- शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और निर्वाचन आयोग से मोगा के किल्ली चाहलां में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) की रैली आयोजित करने के लिए सरकारी निधियों का इस्तेमाल करने का संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में अकाली दल के वरिष्ठ नेता डाॅ दलजीत सिंह चीमा ने कहा है कि आप आज की रैली को सरकार की 'युद्ध नशे विरूद्ध' योजना से जोड़कर धोखा भरी राजनीति कर रही है, जबकि इसका मकसद 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपने चुनाव अभियान का बिगुल बजाना है। उन्होंने कहा, ''सरकारी धन का इस्तेमाल न केवल लोगों को रैली में लेकर जाने के लिए किया गया, बल्कि रैली का पूरा खर्च सरकार से लिया गया है। यह इस तथ्य के बावजदू किया गया कि रैली की अध्यक्षता आप अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में की गयी थी और जिसका पंजाब के कार्यकाल से कोई लेना देना नहीं है।"डाॅ चीमा ने इस तरह की राजनीति को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि रैली में विशुद्ध रूप से राजनीतिक भाषण दिये गये और राजनीतिक विरोधियों पर बेबुनियाद आरोप लगाये गये। उन्होंने राज्यपाल और चुनाव आयोग से आप की इस रैली में खर्च की गयी पूरी राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया, क्योंकि यह रैली नियमों के विरुद्ध आयोजित की गयी थी और इसे सरकारी कार्यक्रम नही माना जा सकता है।
वरिष्ठ अकाली नेता ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए मजबूर किये जाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की अफसरशाही का राजनीतिकरण होगा, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, '' कल आम आदमी पार्टी जिला स्तरीय अधिकारियों को राजनीतिक रैलियों को संबोधित करने और आम आदमी पार्टी का हिस्सा बनने के लिए मजबूर करेगी। ''उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती है।
इस रैली को लेकर युवा अकाली दल के प्रधान सरबजीत सिंह झिंझर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान वास्तव में अस्वस्थ थे और मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में जांच के लिए भर्ती थे, तो अचानक ऐसा क्या बदल गया कि वह राजनीतिक रैली में शामिल होने के लिए तैयार हो गये?उन्होंने सवाल किया, " क्या बीमारी को सहानुभूति के लिए प्रस्तुत किया गया, या शासन से अधिक राजनीतिक छवि को प्राथमिकता दी जा रही है?"उन्होंने पूछा कि क्या पंजाब नेतृत्व और आप के दिल्ली हाईकमान के बीच आंतरिक मतभेद वास्तव में सुलझ गये हैं? "क्या भगवंत मान दिल्ली के दबाव में झुक गये हैं?युवा अकाली नेता ने आरोप लगाया कि रैली का पूरा प्रबंध, झंडे, साउंड सिस्टम, टेंट, कुर्सियां और एसी दिल्ली से लाये गये और इसका खर्च पंजाब की जनता के पैसे से उठाया गया। श्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए श्री झिंझर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि पंजाब का प्रशासन स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है या रिमोट कंट्रोल से चलाया जा रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित