जयपुर , फरवरी 12 -- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने बुधवार को विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि इसमें प्रदेश की प्रगति और विकास के लिये किसी प्रकार की अपेक्षित योजना के लिए राशि आवंटित नहीं होने से इससे प्रदेशवासी मायूस है।
श्री डोटासरा ने अपनी बजट प्रतिक्रिया में कहा कि बजट में एक बार पुन: यमुना जल परियोजना का जिक्र किया गया लेकिन ना तो कोई राशि इस परियोजना के लिये आवंटित हुई और ना ही परियोजना कब प्रारम्भ होगी इस पर प्रकाश डाला गया है। इसी प्रकार ईआरसीपी परियोजना में कराये जाने वाले कार्यों के लिये कोई बजट राशि का आवंटन नहीं हुआ है। बजट में भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश की जमीन एवं लैण्ड बैंक के बंदरबाट के आरोप जो कांग्रेस ने लगाये थे वे सब सच साबित हुए हैं, जब सरकार ने प्रतिदिन आठ उद्योगों को भूमि आवंटित करने की स्वीकृति देना बताया है, जबकि कितने उद्योग स्थापित हुये और राईजिंग राजस्थान के तहत् कितनी राशि का निवेश प्रदेश को मिला है, साथ ही कितने रोजगार सृजित हुये, इस विषय पर बजट में सरकार पूरी तरह से मौन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक 3768 स्कूल भवन जर्जर हैं, कक्षा-कक्ष और शौचालयों में मरम्मत की आवश्यकता है, इनकी मरम्मत और सुधार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की आवश्यकता बताई गई है, किन्तु उच्च न्यायालय द्वारा तल्ख टिप्पणी किये जाने के बावजूद सरकार ने मात्र 2500 विद्यालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रूपये व्यय करना प्रस्तावित किया है। साथ ही 300 भवन विहीन एवं जर्जर विद्यालयों के भवनों के निर्माण की लागत के लिए मात्र 450 करोड़ रूपये से निर्माण करवाना प्रस्तावित किया गया है, जो दर्शाता है कि राजस्थान की भाजपा सरकार सार्वजनिक शिक्षा के प्रति एवं विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीन है।
श्री डोटासरा ने कहा कि बजट में किसानों से गेंहू की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बोनस देकर 2750 की दर से खरीद करने की भी घोषणा नहीं की गई, ना ही बाजरे की एमएसपी पर खरीद करने की घोषणा की गई, जबकि ये वादे भाजपा ने चुनाव से पूर्व प्रदेश के किसानों से किये थे। बजट में राज्य सरकार की एक लाख भर्तियां प्रतिवर्ष करने की घोषणा के अनुरूप नई भर्तियों की कोई घोषणा नहीं हुई। राज्य सरकार के बजट में छात्रों को टेबलेट और लैपटॉप देने जैसी योजनाओं को पुन: समावेशित किया गया है, किन्तु बजट आधा कर दिया गया जबकि पुरानी घोषणायें भी अभी तक अधूरी है और इस बजट में ई वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की गई है जो कि नाकाफी है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी स्थापित करने की घोषणा की गई है, यह घोषणा पूर्व में भी सरकार द्वारा की गई थी, किन्तु इस योजना ने मूर्त रूप नहीं लिया था। बजट में कोई नवीन महाविद्यालय या चिकित्सालय खोलने जैसी घोषणा नहीं हुई है बल्कि पिछले बजट में जयपुर में आधारभूत सुविधायें के निर्माण सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण करने की घोषणायें फिजीबल नहीं होने के आधार पर निरस्त कर दी गई। ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर खेल के आयोजन के लिये आवंटित 50 करोड़ नाकाफी हैं। इसी प्रकार अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सरकारी भवनों की मरम्मत के लिए बजट में आवंटित 500 करोड़ रूपये ऊंट के मुॅंह में जीरा समान है।
उन्होंने कहा कि बजट केवल पुरानी चली आ रही योजनाओं के क्रियान्वयन और छोटे-मोटे बदलावों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है जिसमें प्रदेश के विकास का रोड मैप नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों को प्रस्तुत बजट निराश करने वाला है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित