जयपुर , फरवरी 21 -- राजस्थान विधानसभा में शनिवार को विपक्षी कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने 'सरकार के दो वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024-25-2026 के प्रतिवेदन' पर अपना वक्तव्य रखा।

श्री शर्मा के वक्तव्य देने के दौरान ही कांग्रेस सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये। इससे पहले विपक्ष के हंगामे कारण कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी।

इससे पूर्व संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार के दो साल के प्रतिवेदन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा लेकिन विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में 'पांच साल बनाम दो साल' पर चर्चा करवाने पर सहमति बनी थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 'चर्चा दो साल बनाम पांच साल' पर कराने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की बात का कोई वजन नहीं है क्या। इसको लेकर विपक्ष एवं सत्ता पक्ष में काफी नोकझोंक हुई और हंगामा शुरू हो गया।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हंगामा कर रहे सदस्यों को अपने-अपने स्थानों पर बैठने और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने का आग्रह किया लेकिन हंगामा जारी रहा तो उन्होंने करीब तीन बजकर 27 मिनट पर सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्ष के सदस्यों का हंगामा जारी रहा तो कार्यवाही दूसरी बार फिर आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

इसके बाद सदन के समवेत होने पर फिर हंगामा हुआ तो कार्यवाही तीसरी बार स्थगित की गयी। कार्यवाही पुन: शुरू होने पर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही चौथी बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता टीकाराम जूली का नाम पुकारा लेकिन उन्होंने अपनी बात नहीं रखी। इस पर श्री देवनानी ने मुख्यमंत्री से वक्तव्य देने को कहा।

हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री ने अपना वक्तव्य शुरू किया। श्री शर्मा ने कहा, " विपक्ष ने हमें चुनौती दी थी, उस चुनौती को हमने स्वीकार किया। उसी के तहत सदन में प्रस्ताव लाया गया। कांग्रेस का तो पूरा कॉलम ही खाली है। हमने दो साल के कार्यकाल में ही संकल्प पत्र 2023 के 352 बिंदुओं में 285 बिंदुओं को क्रियान्वयन कर लिया। "उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री यहां चर्चा में शामिल होते तो पता चलता कि 'पांच साल बनाम दो साल' क्या होते हैं। उन्होंने कहा, "पूर्ववती कांग्रेस सरकार के के काम 'जीरो' हैं, ये चर्चा क्या करेंगे, इनके शासन के कामों के कॉलम खाली हैं। इन्होंने भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण के अलावा कुछ नहीं किया।"नारेबाजी, शोरशराबे और हंगामे की बीच ही श्री शर्मा ने वक्तव्य पूरा किया। इस दौरान कांग्रेस सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये।

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