जयपुर , फरवरी 03 -- राजस्थान के देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

श्री कुमावत प्रश्नकाल में विधायक चेतन पटेल कोलाना के पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चुनावी वर्ष में विभिन्न विकास कार्यों की केवल घोषणाएं की गयी थीं। विभागीय समीक्षा के दौरान इनमें से कई कार्यों के व्यावहारिक नहीं पाये जाने के कारण उन्हें क्रियान्वित करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि बजट 2023-24 में ढीपरी चम्बल (खातौली)-कोटा स्थित ठाकुर जी गोपालजी महाराज मंदिर, पीपल्दा समेल (सुल्तानपुर)-कोटा स्थित प्राचीन शिव मंदिर तथा ककरावदा (ईटावा) कोटा स्थित प्राचीन श्री चमलेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं विकास कार्य करवाये जाने की घोषणा की गयी थी। इस घोषणा की क्रियान्विति के क्रम में पर्यटन विकास कोष से श्री ठाकुर जी गोपालजी मंदिर ढीपरी (चम्बल)-कोटा में विकास कार्य के लिए 383.33 लाख रुपए तथा प्राचीन शिव मंदिर, पीपल्दा समेल (सुल्तानपुर) के लिए 248.14 लाख रुपये की स्वीकृति 13 जून 2023 को जारी की गयी। चमलेश्वर महादेव मंदिर ककरावदा इटावा हेतु कोई स्वीकृति जारी नहीं की गयी।

इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि कोटा जिले में 24 धार्मिक स्थल देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित और नियंत्रित है, जिनका विधानसभा वार विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।

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