हनुमानगढ़ , दिसम्बर 11 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल संयंत्र के खिलाफ किसानों का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा, हालांकि कल की हिंसा के बाद आज स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही।
करीब एक वर्ष से जारी इस आंदोलन ने बुधवार शाम को उग्र रूप धारण कर लिया। किसानों की महापंचायत के बाद हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें किसानों ने संयंत्र की चार दीवारी तोड़ दी और कई वाहनों को आग लगा दी। उनका पुलिस से संघर्ष हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद 107 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें 40 को हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।
राज्य सरकार ने किसानों से शांति बनाये रखने का आग्रह किया है।
आज राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया और आंदोलनकारियों से बातचीत की, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हुआ। बुधवार देर रात से राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी हनुमानगढ़ और टिब्बी पहुंचने लगे। बीकानेर संभाग के आयुक्त विश्राम मीणा और पुलिस महानिरीक्षक हेमंत शर्मा ने रात में दौरा किया, जबकि आज जयपुर से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनकी मांगें सुनीं, जिनमें बुधवार की हिंसा से जुड़े मामलों को वापस लेना, घटना की न्यायिक जांच और संयंत्र निर्माण को रोकना शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि वे राज्य सरकार के उच्च स्तर पर चर्चा करके जवाब देंगे, लेकिन शाम तक कोई दूसरी वार्ता शुरू नहीं हुई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने पत्रकारों से कहा कि संयंत्र किसानों के हित में हैं और इससे कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने साथ ही पंजाब और हरियाणा से आए कुछ लोगों पर स्थानीय किसानों को भड़काने का आरोप लगाया। श्री वीके सिंह ने कहा कि कल पुलिस ने बहुत संयम बरता। उन्होंने पुलिस बल द्वारा गोली चलाने की बात से साफ इन्कार किया।
पुलिस ने कल की घटना पर टिब्बी थाने में दो मामले दर्ज किए, एक संयंत्र प्रबंधन की ओर से और दूसरा क्षतिग्रस्त वाहनों के मालिकों की ओर से। कुल 107 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामले दर्ज किये गये हैं, जिनमें कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा, विधायक अभिमन्यु पूनिया, पूर्व विधायक बलवान पूनिया और अन्य कांग्रेस नेता शामिल हैं। 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिंसा में 36 पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन कोई गंभीर चोट नहीं है। वृत्त निरीक्षक की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया।
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