जयपुर , दिसम्बर 12 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दावा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार के सुशासन, विकास और विश्वास के दो वर्षों ने प्रदेश की दिशा और दशा बदलने की ठोस शुरुआत की है और हमने आमजन से जो काम पांच साल में पूरे करने का वादा किया था उनमें 70 प्रतिशत कार्य दो वर्ष में ही कर चुके हैं।

श्री शर्मा शुक्रवार को ओटीएस के भगत सिंह मेहता सभागार में राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो वर्षों की बजट घोषणाओं में से 73 प्रतिशत घोषणाएं या तो पूर्ण हो चुकी है या प्रगतिरत हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश के बेस्ट परफॉर्मर स्टेट की श्रेणी में पहुंच गया है। प्रदेश 11 राष्ट्रीय योजनाओं में प्रथम स्थान, पांच योजनाओं में द्वितीय स्थान और नौ योजनाओं में तृतीय स्थान पर है। यह हमारी सरकार की प्रतिबद्धता, मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार ने ईआरसीपी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना को अटकाए रखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राम जल सेतु लिंक परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चूरू, झुंझुनूं एवं सीकर को यमुना जल उपलब्ध करवाने की परियोजना की डीपीआर का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन योजना प्रारंभ की, लेकिन गत सरकार के समय हर स्तर पर अनियमितताओं ने गांव-ढाणी के गरीब तक साफ पानी पहुंचने में बड़ी बाधा खड़ी की। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता का हक जिन्होंने भी खाया है, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि दो वर्षों में जेजेएम के तहत 10 हजार 482 करोड़ रुपये व्यय कर 13 लाख 59 हजार ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया है। 'कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान' के तहत 14 हजार से अधिक ग्राउंड वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए जा चुके हैं। जल संचय जन भागीदारी के तहत 3 लाख 64 हजार 968 जल संरक्षण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 647 करोड़ रुपये से फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण और आई.जी.एन.पी. की नहरों के जीर्णाेद्धार एवं पक्के खालों के निर्माण के लिए 3400 करोड़ रुपये का बजट दिया है।

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता 6 हजार 363 मेगावाट बढ़कर 30 हजार 525 मेगावाट पर पहुंच गई है। 42 हजार 438 मेगावाट क्षमता विकसित करने के लिए केंद्रीय उपक्रमों के साथ 1 लाख 93 हजार करोड़ रुपये के निवेश संयुक्त उद्यम के लिए एमओयू किए गए हैं और 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये निवेश की जॉइंट वेंचर कंपनी गठित हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में 27 हजार 238 करोड़ रुपये व्यय कर 39 हजार 891 किलोमीटर सड़कों का विकास किया है। ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 8 हजार 557 किलोमीटर लंबाई में मिसिंग लिंक सड़कों का निर्माण किया गया है, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 हजार 139 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 2 हजार 750 किलोमीटर लंबाई के 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए डीपीआर कार्य तेजी से जारी है। 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में 320 करोड़ रुपये की लागत से 78 'अटल प्रगति पथों' के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। 5 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में भी 492 करोड़ रुपये की लागत से 249 अटल प्रगति पथ स्वीकृत किए गए हैं।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों और बीपीएल परिवारों को मात्र 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिल रहा है। हमारे आहवान पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 47 लाख से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक गिव-अप किया है। इससे 70 लाख पात्र परिवार योजना में जुड़कर लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा रसोई योजना में 15 करोड़ भोजन की थालियां अब तक दी जा चुकी हैं। सामाजिक पेंशन में 250 रुपये की वृद्धि कर 1250 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इसके साथ ही दस लाख से अधिक नई पेंशन स्वीकृतियां जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7 लाख 13 हजार आवासों की स्वीकृति दी गई है। घुमंतु, अर्धघुमंतु और विमुक्त परिवारों को 2 लाख से अधिक पट्टे दिए गए हैं। स्वामित्व योजना के तहत आठ हजार से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर 13 लाख 70 हजार स्वामित्व कार्ड जारी किए गए हैं।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 6 हजार रुपये में राज्य सरकार की और से 3 हजार रुपये जोड़कर 9 हजार रुपये किया गया है। 76 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार 432 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। 2 लाख 66 हजार किसानों को गेहूं खरीद पर 471 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि दो वर्षों में 44 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण, पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 52 हजार सोलर पंपसैट लगाकर 822 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि किसानों को बिजली बिलों में 44 हजार 558 करोड़ का अनुदान दिया है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से 9 लाख पशुपालकों के 20 लाख पशुओं का पंजीकरण किया गया है। पशुओं के निःशुल्क उपचार के लिए 1962 मोबाइल वेटेरिनरी सेवाएं शुरू की गई हैं। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में 84 हजार से अधिक परिवारों को 634 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया है। गौशालाओं के लिए अनुदान में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है और नई नंदीशालाओं के लिए 90 प्रतिशत तक की राशि दी जा रही है।

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