जयपुर , मार्च 16 -- राजस्थान के पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को प्रदेश में गौ एवं भैंस वंशीय पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से बचाने के उद्देश्य से व्यापक खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण टीकाकरण कार्यक्रम के सातवें चरण का शुभारंभ किया।
श्री कुमावत ने जयपुर जिले के बगरू में रामदेव गौशाला में यह शुभारंभ किया। प्रदेश के सभी जिलों में 2 करोड़ 32 लाख गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर श्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश में पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसे संक्रामक रोग से पशुधन को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्य में व्यापक स्तर पर खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण टीकाकरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के अधिक से अधिक पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें इस रोग से सुरक्षित किया जाएगा। इससे न केवल पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने सभी पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि टीकाकरण कार्य को पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि प्रदेश का वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
श्री कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने गायों और गौशाला की बेहतरी के लिए कई योजनाओं की शुरूआत की है और पिछले दो वर्षों में पात्र गौशालाओं की अनुदान राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसी प्रकार किसानों और पशुपालकों के कल्याण और उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए भी सरकार ने कई प्रयास किए हैं।
प्रारंभ में श्री कुमावत ने गौवंश की पूजा कर उन्हें चारा खिलाया तथा गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण दल को टीके का कैरियर भेंट किया। मौके पर ही दल के सदस्यों ने गौवंश का टीकाकरण किया।
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