जयपुर , अप्रैल 06 -- श्चिम एशिया में वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला दबाव के बावजूद राजस्थान में तेल और गैस की कोई कमी नहीं हैं।

कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) राजस्थान मनोज गुप्ता और पत्र सूचना कार्यालय के निदेशक अनुभव बैरवा ने सोमवार को यहां प्रेस वार्ता में यह बात कही। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और ग्राहकों को उनकी बुकिंग के अनुसार डिलीवरी की जा रही है। पर्याप्त भंडार, मजबूत बुनियादी ढांचे, निरंतर निगरानी और सख्त प्रवर्तन के साथ आपूर्ति की स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है।

उन्होंने बताया कि ऑटो एलपीजी के लिए लंबी लाइनों से निजात दिलाने के लिए प्रदेश में संचालित सभी 17 एलपीजी स्टेशनों (एएलडीएस) पर गत दो अप्रैल से चौबीस घंटे सेवाएं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में बिक्री 131 मीट्रिक टन थी जो मार्च 2026 में बढ़कर 607 मीट्रिक टन हो गई जो 363 प्रतिशत की वृद्धि हैं।

राजस्थान सरकार और तेल विपणन कंपनियां आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल) ने अपने राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) राजस्थान के माध्यम से जनता को आश्वस्त किया कि राज्य भर में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की पर्याप्त उपलब्धता है एवं आपूर्ति संचालन की कड़ी निगरानी की जा रही है तथा इसे निर्बाध रूप से जारी रखा जा रहा है।

श्री गुप्ता ने आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य भर में पेट्रोल पंप और भंडारण स्थानों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल पंप पर स्टॉक की नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और उसकी भरपाई की जा रही है।

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