जयपुर , फरवरी 13 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए गए 2770 गिरदावर सर्किलों में ग्राम उत्थान शिविरों में 31 लाख 57 हजार से अधिक ग्रामीणों ने भाग लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त किया।

राज्य मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद एवं ग्राम उत्थान शिविरों की प्रगति की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।

श्री श्रीनिवास ने बताया कि वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए एक लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें से 69 हजार करोड़ रुपये समेकित निधि से व्यय किए जाएंगे। यह गत वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत अधिक है। राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि बजट की हिस्सेदारी 5.55 प्रतिशत है, जो सरकार की कृषि एवं ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने डच रोज की खेती, खीरा, रंगीन शिमला मिर्च, संरक्षित खेती, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, मोती पालन एवं एकीकृत खेती मॉडल अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों से संवाद किया। उन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री श्रीनिवास ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविर केवल योजनाओं का वितरण मंच नहीं, बल्कि प्रशासन और गांवों के बीच मजबूत संवाद का माध्यम हैं। इससे ग्रामीण सहभागिता बढ़ेगी और राजस्थान के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त आधार तैयार होगा।

प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने बताया कि शिविरों में 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा दो लाख सात हजार से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए और 6,135 से अधिक ग्राम पंचायतों में पॉलीहाउस स्थापना के लिए आवेदन तैयार किए गए। मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के तहत 3838 किसानों के आवेदनों का निस्तारण किया गया। साथ ही 3828 किसान विश्राम स्थल निर्माण प्रस्ताव भी तैयार कराए गए।

शासन सचिव पशुपालन, मत्स्य पालन एवं गोपालन डॉ. समित शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत एक लाख 83 हजार से अधिक पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसके अलावा एक लाख 54 हजार क्लासिकल स्वाइन फीवर टीकाकरण, 10 हजार से अधिक कृत्रिम गर्भाधान, 50 हजार फर्टिलिटी किट वितरण तथा नौ लाख 82 हजार पशुओं को प्राथमिक उपचार एवं कृमिनाशक दवाएं दी गईं।

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