अलवर , मार्च 20 -- राजस्थान में राजस्थान पुजारी महासंघ ने वन्य प्राणी नीलगाय हत्या कानून का कड़ा विरोध किया है।
पुजारी महासंघ ने नव संवत्सर के अवसर पर सुभाष चौक स्थित श्री जगन्नाथ जी मंदिर से पहली बार मंगल कलश यात्रा एवं हिंदू सनातन जनजागरण रैली का आयोजन किया। रैली मुख्य बाजारों से होती हुई धर्मध्वजों के साथ राजर्षि अभय समाज रामलीला रंगमंच पहुंची जहां धर्मसभा आयोजित की गई।
महासंघ के जिलाध्यक्ष पंडित राजेन्द्र आचार्य ने बताया कि इस दौरान करीब ढाई सौ महिलाओं एवं करीब 70 मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के पुजारियों और महंतों ने एक स्वर में राजस्थान में हो रही नीलगायों की हत्या पर कड़ा रोष व्यक्त किया और कहा कि नीलगाय गाय माता की तरह एक निरीह प्राणी है। यह दुर्भाग्य है कि राज्य सरकार ने भारी जनविरोध के बावजूद अब तक नीलगाय हत्या जैसे क्रूर कानून वापस नहीं लिए जो हिंदू एवं वैदिक संस्कृति के लिए घोर अपमान की बात है।
उन्होंने कहा कि अब पुजारी महासंघ इस करूणादायी मामले को आगे भी जोरशोर से उठाएगा और 26 मार्च को मन्नी का बड़ पर आयोजित धरने में शामिल होगा। महासंघ ने कहा है कि नीलगाय भी प्रकृति की अनुपम संतान है और उसे भी उतना ही जीने का हक प्रकृति ने दिया है, जितना गौमाता को प्राप्त है। इस दौरान वृंदावन से आए हुए प्रमुख संत श्री कमलनाथ महाराज एवं पुजारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अरूण शर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने भी नीलगाय हत्या कानून को जनविरोधी एवं सनातन विरोधी बताया।
धर्मसभा में पंडित महेशचंद शर्मा, पंडित विवेक गुरू, सुरेश शर्मा, कंचन शर्मा, राजकुमार शर्मा, महेश मुदगल, चंद्रा शर्मा, अनिता शर्मा, अनीता जोशी, ऊषा शर्मा, मौनू पंडित, रूकमणी देवी, अनिल शर्मा, योगेश शर्मा, पंडित श्यामसुंदर, केदार पंडित आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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