जयपुर , मार्च 01 -- राजस्थान पर्यटन विभाग तीन से पांच मार्च तक जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित विश्व के सबसे बड़े पर्यटन व्यापार मेले 'आईटीबी बर्लिन' में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करायेगा।

पर्यटन आयुक्त रुकमणी रियाड़ के अनुसार जर्मनी के चांसलर के भारत दौरे के दौरान रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग के साथ सांस्कृतिक और पर्यटन साझेदारी भी इस रिश्ते का सशक्त आयाम बनी और इसी पृष्ठभूमि में राजस्थान पर्यटन आईटीबी बर्लिन मेले में हिस्सा ले रहा हैं जहां "रेगिस्तान से राइन नदी तक" थीम के साथ राजस्थान अपनी जीवित विरासत, सतत पर्यटन मॉडल और शाही आतिथ्य की विशिष्ट पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेगा।

श्रीमती रियाड़ ने बताया कि गत वर्ष के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 19 लाख 45 हजार 68 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें से पांच लाख 75 हजार 968 पर्यटक प्रमुख 25 यूरोपीय देशों से आए जो कुल विदेशी पर्यटकों का लगभग 29.6 प्रतिशत है। जर्मनी 82 हजार 703 पर्यटक यात्राओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा जो स्पष्ट संकेत है कि जर्मन बाजार राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च-क्षमता वाला स्रोत है।

ब्रिटेन और फ्रांस के बाद जर्मनी का यह स्थान दर्शाता है कि सांस्कृतिक प्रामाणिकता, विरासत संरक्षण और अनुभव-आधारित पर्यटन की मांग जर्मन यात्रियों को राजस्थान की ओर आकर्षित कर रही है। भारत के उत्तर-पश्चिम में स्थित राजस्थान का भूगोल अद्वितीय है। पश्चिम में विस्तृत थार मरुस्थल, दक्षिण में हरित अंचल और अरावली की पर्वतमालाएं यह विविधता एक ही राज्य में अनेक अनुभव प्रदान करती है।

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