जयपुर , जनवरी 20 -- राजस्थान सरकार शीघ्र ही ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम)-2026 का आयोजन करेगी और इसके तहत दो हजार 839 गिरदावर सर्किलों पर 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशानुसार ये शिविर दो चरणों में आयोजित किये जाएंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर 23 जनवरी को प्रथम चरण की शुरुआत होगी, जिसमें 24, 25 एवं 31 जनवरी को शिविर आयोजित किये जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में एक फरवरी एवं पांच सेनौ फरवरी तक इनका आयोजन होगा। इस प्रकार 10 दिनों तक प्रदेशभर में दो हजार 839 शिविर पूर्वाह्न 10 बजे से सायं पांच बजे तक प्रदेशभर में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों से पहले 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को ग्राम उत्थान शिविरों में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।

इन शिविरों में तार बंदी, पाइप लाइन, फार्म पौण्ड, बैलों से खेती योजना के अन्तर्गत प्रोत्साहन राशि की स्वीकृतियां, सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, बीज मिनीकिट वितरण का सत्यापन करने के साथ ही फव्वारा एवं ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पम्प संयंत्र इत्यादि की स्वीकृतियां और मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड एवं नये कस्टम हायरिंग सेंटर संबंधी कार्य, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करना, फर्टिलिटी किटों का वितरण, प्राइमरी डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी एवं डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी के पंजीयन के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तहत निर्मित आवासों में लाभार्थियों का गृहप्रवेश करवाया जाएगा। वीबी जी राम जी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का सर्वे कार्य पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार स्वामित्व कार्डों का वितरण, नहरों एवं खालों की मरम्मत की आवश्यकताओं का चिह्नीकरण, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अन्तर्गत पंजीकरण एवं युवा स्वरोजगार योजना और अन्य कार्य किये जाएंगे।

इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सहित 12 विभाग भाग लेंगे। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को शिविरों का नोडल विभाग बनाया गया है, जो सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करतेहुए इन शिविरों के माध्यम से कृषकों एवं पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभारी सचिव इन शिविरों का नियमित निरीक्षण कर सतत पर्यवेक्षण करेंगे। जिला स्तर पर कलेक्टर जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, जो शिविरों से संबंधित व्यवस्थाओं का प्रबंधन करेंगे।

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