नाथद्वारा , फरवरी 15 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राजस्थान के सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी) में पर्यटन के योगदान को 10 प्रतिशत से अधिक तक ले जाना है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ आध्यात्मिक और अनुभवात्मक पर्यटन पर विशेष ध्यान दे रही है।

श्री शेखावत ने रविवार को राजसमंद जिले के नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राजस्थान के प्रमुख आस्था केंद्रों को वैश्विक स्तर पर विकसित कर रही है। 'प्रसाद' योजना के तहत खाटू श्यामजी, देशनोक की करणी माता, जैसलमेर के तनोट माता मंदिर जैसे पवित्र स्थानों पर बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को न केवल सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है बल्कि इन क्षेत्रों में 'टेंपल टूरिज्म' के माध्यम से स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

कुम्भलगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चित्तौड़गढ़ और कुम्भलगढ़ जैसे विश्व धरोहर स्मारकों को पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक बनाया जा रहा है। हम चाहते हैं कि इन ऐतिहासिक किलों में पर्यटक केवल घूमने न आएं, बल्कि वहां एक नया अनुभव प्राप्त करें। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन और राज्य पर्यटन विभाग के अधिकारी मिलकर एक साथ काम कर रहे हैं।

श्री शेखावत ने कहा कि पर्यटन की सफलता केवल संख्या में नहीं बल्कि पर्यटकों की संतुष्टि में है। हमारा प्रयास पर्यटकों के अनुभव के स्तर को इतना ऊंचा उठाना है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति ऐसी सुखद स्मृति लेकर जाए जो उसे पुनः राजस्थान लौटने के लिए प्रेरित करे। राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के बजट में पर्यटन के लिए की गई घोषणाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन की महत्ता को समझते हुए निरंतर काम कर रही है। केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से राजस्थान जल्द ही वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर एक नए स्वरूप में उभरेगा।

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