जयपुर , मार्च 11 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेश की जनता का भला किस प्रकार से हो, यह हम सभी का एक ही ध्येय बताते हुए कहा है कि विपक्ष हमारी ताकत है और उनके सुझावों पर विचार किया जाना भी आवश्यक है।
श्री शर्मा मंगलवार रात यहां विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा विधानसभा में किये गये नवाचारों पर आधारित पुस्तक ''संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष, नवाचारों के दो वर्ष'' और ''सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि'' के नवीन संस्करण कृति के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा अधिक दिनों एवं नियमों एवं परम्पराओं से चल रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को बनाने में अनेकों पीढियों का योगदान है और हम सभी का भी एक ही ध्येय होता है कि राजस्थान की जनता का भला किस प्रकार से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने श्री देवनानी द्वारा विधानसभा में किये गये नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि गत दो सालों में पुस्तकें लिखकर उन्होंने संसदीय परम्पराओं के प्रति लोगों की रूचि बढ़ाई है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान की जो परम्परा रही है वह बहुत ही ऐतिहासिक और संसदीय मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पचास हजार से अधिक लोगों के विधानसभा के संग्रहालय को देखने आना यह श्री देवनानी द्वारा संसदीय संस्कृति में किये गये नवाचारों से लोकतंत्र में आमजन की आस्था बढ़ी हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि यह समारोह लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय संस्कृति की सतत यात्रा का उत्सव है। नये प्रयासों ने राजस्थान विधानसभा को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तब ही सशक्त बनती है जब वे परम्पराओं और नवाचारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए जन भागीदारी, पादर्शिता को केंद्र में रखकर कार्य करती है।
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