नयी दिल्ली , फरवरी 13 -- केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा है कि राजस्थान का विशाल आकार और संस्थागत मजबूती इसे भारत के कौशल विकास परिवर्तन में अग्रणी स्थान पर रखती है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने शुक्रवार को बताया कि मंत्रालय ने राजस्थान सरकार के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जिसका उद्देश्य चल रही कौशल विकास पहलों की प्रगति का आकलन करना और राज्य में रोजगार क्षमता को मजबूत करने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था। इस अवसर पर श्री जयंत चौधरी ने कहा कि राजस्थान का विशाल आकार और संस्थागत मजबूती इसे भारत के कौशल विकास परिवर्तन में अग्रणी स्थान पर रखती है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगले चरण में गुणवत्ता बढ़ाने, उद्योग साझेदारी को मजबूत करने और रोजगार के ठोस परिणाम सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-एसईटीयू) के तहत आईटीआई का रूपांतरण, शिक्षुता में भागीदारी का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय कौशल केंद्रों की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को घरेलू और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत समर्थित पारंपरिक क्षेत्रों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी सर्विसिंग और डिजिटल प्रौद्योगिकियों जैसे भविष्य के कौशलों को जोड़ने के महत्व पर भी बल दिया, जिससे राज्य की विकास रणनीति में विरासत और नवाचार का एकीकरण हो सके।

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