वाराणसी , फरवरी 3 -- उत्तर प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के बीच जारी बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में है। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा सर्किट हाउस में की गई टिप्पणी पर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने सोमवार शाम प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति में मां को घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "मां हमारी श्रद्धा और आस्था है। मां के दूध को चुनौती देना शोभा नहीं देता। हर व्यक्ति मां का दूध पीकर ही बड़ा होता है।"अनिल राजभर ने अपने परिवार की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता सेना में थे और दो युद्ध लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद व्यवसाय करना गलत नहीं है और किसी व्यापारी को बिना प्रमाण चोर कहना उचित नहीं। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान चंदौली के सकलडीहा में थी और वह स्वयं बनारस के सिंधोरा में ऑटो चलाते थे। उन्होंने कहा कि गठबंधन धर्म निभाना पार्टी की प्राथमिकता है और विवाद को बढ़ावा देना उनका उद्देश्य नहीं है।

सारनाथ में महाराजा सुहेलदेव जयंती कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को व्यवधान डालने के लिए भेजा गया था। वहीं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के संबंध में उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है और प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर निर्णय लिया था।

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