नयी दिल्ली , मार्च 18 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता और इसमें सक्रिय लोग हमेशा समाज और देश की प्रगति में अपना योगदान देते रहते हैं। श्री मोदी ने अगले महीने राज्यसभा से सेवानिवृत होने वाले 59 सदस्यों को भावभीनी विदायी देते हुए यह बात कही।

उच्च सदन में सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में इसके एक तिहाई सदस्य सेवा निवृत होते हैं जिनका स्थान नये सदस्य लेते हैं जिससे यह सदन अनवरत सक्रिय रहता है। सेवानिवृत होने वाले सदस्यों में उप सभापति हरिवंश , नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे , पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवे गौड़ा , शरद पवार, रामदास अठावले और तिरूचि शिवा जैसे वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं।

श्री मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता और देश तथा समाज को नेताओं का सक्रिय योगदान हमेशा मिलता रहेगा। उन्होंने श्री खरगे , श्री गौड़ा और श्री पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सदस्यों की आधी से अधिक उम्र संसदीय जिम्मेदारी निभाते हुए बीती है और ये सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इन सदस्यों को जब भी जो भी जिम्मेदारी मिली है उसके प्रति समर्पित कैसे रहना है यह उनसे सीखा जा सकता है।

श्री खरगे ने अपने भाषण में जब कहा कि श्री मोदी आजकल अपने भाषणों में शेरो शायरी नहीं करते तो श्री खरगे के भाषण के बाद श्री मोदी ने कहा कि वह श्री खरगे की अपेक्षा के अनुसार एक शेर के जरिये अपनी बात रखते हैं । प्रधानमंत्री ने कहा ," कर्म ऐसा करो मन में जहां से गुजरें तुम्हारी नजरें ,उधर से तुम्हें सलाम आये।"उपसभापति हरिवंश के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंंने लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और सबका विश्वास जीतने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री हरिवंश का लंबा अनुभव है और जब सदन नहीं चलता है तो युवाओं के साथ इनका संवाद चलता रहता है, देश के प्रति संवेदनाएं पैदा करने का काम चलता रहता है हर कोने में जाकर काम किया है।

श्री मोदी ने कहा कि श्री रामदास अठावले सदाबहार है वह आगे भी लोगों की जीवन में हास्य और विनोद परोसते रहेंगे । प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि नये सांसदों को पुराने सांसदों के अनुभव का लाभ मिलता रहेगा।

संसद के दोनों सदनोंं को एक दूसरे का पूरक बताते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जब भी महत्वपूर्ण निर्णय लेना होता है तो हम दूसरा विचार जानते हैं और इस दूसरे विचार की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इसी तरह दोनों सदनों में यहकाम चलता है और इससे बहस तथा विचारों को एक नया आयाम मिलता है और निर्णय प्रक्रिया मजबूत बनती है। उन्होंने कहा कि यही हमारे लोकतंत्र की मजबूती है।

श्री खरगे ने अपने संबोधन की शुरूआत एक शेर से करते हुए कहा," कहां से शुरू करें कुछ समझ नहीं आता है आपकी विदाई के जिक्र से दिल भर आता है।" उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन के लोग कभी रिटायर्ड नहीं होते। मैं 50 वर्ष से अधिक समय से सार्वजनिक जीवन में हूं और राज्यसभा का मेरा अनुभव खटटा मीठा रहा है । उन्होंने कहा कि इस सदन को सार्थक बनाने के लिए और अधिक कुछ करने की जरूरत है जिससे यह समाज को और योगदान दे सकें।

नेता विपक्ष ने श्री देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के अंदाज में कहा कि उन्होंने मोहब्बत हमारे साथ की लेकिन शादी मोदी साहब के साथ की। उन्होंने कहा कि श्री शरद पवार राष्ट्रीय नेता रहे हैं और उनका लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि श्री अठावले अपनी कविता के रूप में मोदी जी का ही गुणगान करते हैं उनको और कोई कविता नहीं आती है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह एक दशक तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और राज्यसभा में भी उन्होंने अच्छा काम किया।

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