पटना , जनवरी 14 -- मकर संक्रांति के अवसर पर राजधानी की सबसे चर्चित दही चूड़ा पार्टी में शरीक होने जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के सुप्रीमो तेजप्रताप यादव से मिलने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद सहित विभिन्न पार्टियों के कई प्रमुख नेता पहुंचे।
एक दिन पहले उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की दही चूड़ा पार्टी में शरीक होने तेजप्रताप यादव पहुंचे थे, जिसे भाजपा के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियों के रूप में देखा गया था, लेकिन आज श्री यादव के पिता लालू प्रसाद के संक्रांति पार्टी में पहुंचने से राजनीतिक पंडितों के गणित कुछ उलझ से गये है।
जेजेडी के नेता तेजप्रताप ने अपने छोटे भाई विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी निमंत्रण दिया था, लेकिन श्री यादव भोज में शरीक होने नही आये। मीडिया ने जब तेजप्रताप से छोटे भाई की अनुपस्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने व्यंग्य किया कि अनुज सुबह थोड़ी देर से बिछावन छोड़ते हैं।
तेजप्रताप की चूड़ा दही पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो नही आये लेकिन उनके दो बेहद करीबी नेताओ संजय झा और विजय चौधरी की उपस्थिति ने बताया कि तेजू भईया जदयू के लिए भी अछूत नही हैं।
पार्टी की सबसे खास बात तेजप्रताप के दोनो मामा अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव और सुभाष यादव की उपस्थिति रही। राजद सुप्रीमो ने अपने दोनो सालों के लिए घर के द्वार बंद कर रखे हैं, लेकिन तेजप्रताप ने दिखाया कि राजद से बाहर निकलने के बाद वह राजनीति की खुली हवा में तैर रहे हैं।
इस सम्बंध में तेजप्रताप यादव के मामा सुभाष यादव ने यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि उन्हें जनकारी मिली है कि सुबह दही, चूड़ा और गुड़ की व्यवस्था करने स्वयं राबड़ी देवी तेजप्रताप के घर गयी थी, लेकिन वह भोज के समय उपस्थित नही थीं।
आज तेजप्रताप ने बातचीत के दौरान इस बात के संकेत भी दिए कि उनके राजनीतिक पत्ते खुले हुए हैं और कोई भी फैसला माहौल को भांप कर लिया जाएगा।
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