राजनांदगांव , जनवरी 31 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर में कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 25 शासकीय व्याख्याताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। समय पर मूल्यांकन कार्य पूरा न होने के कारण परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

29 जनवरी 2026 को जिला पंचायत में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह सामने आया कि संबंधित व्याख्याताओं द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा नहीं किया गया। इस कारण जिले सहित राज्य स्तर पर बोर्ड परीक्षा परिणामों की घोषणा में देरी हुई।

बैठक के दौरान जब व्याख्याताओं से इस संबंध में जवाब मांगा गया, तो वे संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। कलेक्टर ने इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन बताया।

कलेक्टर कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि सभी 25 व्याख्याता 5 फरवरी 2026 तक स्वयं उपस्थित होकर लिखित जवाब प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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