राजनांदगांव , दिसंबर 14 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया पुलिस ने फर्जी फसल बीमा के एक बड़े मामले का आज खुलासा करते हुए त्वरित कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दूसरे की भूमि पर लगी केले की फसल को छिपाकर, वहां चना फसल दर्शाते हुए कूटरचित दस्तावेज़ों के माध्यम से 23.28 लाख रुपये से अधिक की बीमा राशि अवैध रूप से अपने और परिजनों के खातों में हस्तांतरित की।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में शनिवार को दोनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अमित वर्मा (30 वर्ष), ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, भारतीय कृषि बीमा कंपनी तथा परमेश्वर साहू (39 वर्ष), सी.एस.सी. संचालक शामिल हैं। दोनों को रविवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस ने कहा कि इस धोखाधड़ी की शिकायत पूर्व विधायक छन्नी साहू द्वारा आठ सितंबर 2025 को की गई थी। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि ग्राम आमगांव की लगभग 50 हेक्टेयर भूमि पर पिछले एक वर्ष से केले की फसल लगी हुई थी, बावजूद इसके वर्ष 2024-25 में उक्त भूमि पर चना फसल दर्शाकर फसल बीमा कराया गया। आरोप था कि बिना फसल कटाई या पंचनामा किए, चना फसल को भारी नुकसान दर्शाकर 25 लाख रुपये से अधिक की बीमा राशि का भुगतान कराया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर, राजनांदगांव के निर्देश पर तहसीलदार छुरिया विजय कोठारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया। जांच में पाया गया कि दोनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर उन्हें बीमा पोर्टल पर अपलोड किया।
जांच में यह भी सामने आया कि 23,28,944.35 रूपये की बीमा राशि परमेश्वर साहू, उनकी पत्नी गंगेश्वरी साहू तथा रुक्मणी कंवर के बैंक खातों में अवैध रूप से हस्तांतरित की गई।
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