राजनांदगांव, जनवरी 05 -- पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने तथा जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव पुलिस ने एक नई पहल की शुरुआत की है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के नेतृत्व में जिले में सोमवार को "चलित थाना अभियान - संवाद" का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत पुलिस अब फरियाद सुनने के लिए जनता को थाने बुलाने की बजाय स्वयं गांव और वार्डों में जाकर संवाद स्थापित करेगी।

इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं बल्कि अपराध की रोकथाम करना है। इसके लिए पुलिस को कई अहम लक्ष्य सौंपे गए हैं-मौके पर विवाद निपटारा : गांवों में होने वाले छोटे-मोटे आपसी विवादों को प्राथमिक स्तर पर सुलझाकर कोर्ट-कचहरी की प्रक्रिया से लोगों को राहत देना।

अपराध की रोकथाम : जुआ, सट्टा, अवैध शराब जैसी गतिविधियों की जानकारी सीधे ग्रामीणों से प्राप्त कर त्वरित कार्रवाई।

किशोरों पर विशेष निगरानी : 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को अपराध की ओर बढ़ने से रोकने के लिए स्कूल प्राचार्यों के सहयोग से काउंसलिंग।

जागरूकता अभियान : साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और यातायात नियमों को लेकर लोगों को जागरूक करना।

बाहरी व्यक्तियों की निगरानी : गांवों में आने वाले फेरीवालों व संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि थाने के आरक्षक से लेकर थाना प्रभारी तक गांवों का नियमित भ्रमण करेंगे। चिन्हित संवेदनशील गांवों में थाना प्रभारी का स्वयं पहुंचना अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक थाने द्वारा रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग गांवों में चौपाल लगाकर जनता से संवाद किया जाएगा।

राजनांदगांव पुलिस की यह पहल कानून-व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ पुलिस की छवि को जन हितैशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'संवाद' पह पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने की एक सकारात्मक शुरुआत है।

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