नयी दिल्ली , अप्रैल 15 -- दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद ने कहा है कि अग्निशमन विभाग निरंतर अपनी तकनीक और प्रशिक्षण को सुदृढ़ कर राजधानी को सुरक्षित बनाने के लिए कार्यरत है।

श्री सूद ने 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आयोजित "अग्निशमन सेवा सप्ताह" के अवसर पर बुधवार को राजधानी के विद्यालयों एवं अस्पतालों में सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु शिक्षा और अग्निशमन सेवा विभाग द्वारा आयोजित जन-जागरूकता अभियान का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। इस सघन अभियान का उद्देश्य "सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल, दुर्घटना मुक्त समाज" के प्रति जन-भागीदारी बढ़ाना तथा आग से संबंधित दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

इसी क्रम में श्री सूद ने "सुरक्षित विद्यालय" अभियान की भी शुरुआत की जिसके अंतर्गत सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मनाया जाने वाला यह सप्ताह देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस का मूल मंत्र "वी सर्व टू सेव" है, और पिछले एक वर्ष में विभाग द्वारा 36,877 आपातकालीन कॉल्स सफलतापूर्वक अटेंड की गई है। विभाग निरंतर अपनी तकनीक और प्रशिक्षण को सुदृढ़ कर राजधानी को सुरक्षित बनाने के लिए कार्यरत है।

उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग आग से डरे नहीं बल्कि इससे जूझने के लिए अपने मन और अपने आप को तैयार और जागरूक रखें। फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन करना और विद्यालय में समय समय पर आयोजित मॉक ड्रिल्स एवं डेमोंस्ट्रेशन में सक्रिय भागीदारी करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रशिक्षण आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा में सहायक होता है। और आग से बचाव करने में हमारी सहायता भी करता है।

श्री सूद ने यह भी जानकारी दी कि आग से बचाव हेतु दिल्ली फायर सर्विस द्वारा अब तक 1000 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 50,000 से अधिक नागरिकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने सभी से अपने परिवार एवं समाज में फायर सेफ्टी के प्रति जागरूकता फैलाने तथा फायर सेफ्टी एंबेसडर बनने का आह्वान भी किया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा केवल सरकार या फायर विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी सावधानियाँ, जैसे आपातकालीन मार्गों को खाली रखना, बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग ना करें, आग लगने पर तुरंत 101 या 112 पर सूचना दे, बिजली उपकरणों का इस्तेमाल किसी बड़े व्यक्ति की उपस्थिति में ही करें, यदि आप आगे हुए में फंसे हुए है तो कृपया नीचे झुक कर बाहर निकले, याद रखें स्टॉप,ड्रॉप, रोल। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन अग्नि सुरक्षा उपकरणों को चलाने के लिए अपने सभी कर्मचारियों को व्यापक और आधुनिक तरीके से प्रशिक्षण दें। यह सब सावधानियां आग जैसे बड़े हादसों को रोकने में काफी हद तक सहायक हो सकती हैं।

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