पटना , फरवरी 16 -- बिहार भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने सोमवार को राजगीर खेल परिसर में निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम, बहुउद्देशीय हॉल एवं साइकिल वेलोड्रम के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिये महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की।

श्री रवि ने क्रिकेट स्टेडियम, बहुउद्देशीय हॉल एवं साइकिल वेलोड्रम के कार्यों की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली एवं कार्यपालक अभियंता एवं एजेंसी को तीव्र गति से कार्यों को पूर्ण करने का दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने क्रिकेट स्टेडियम में निर्माणाधीन जनरल स्टैंड वेस्ट (जी 2), जनरल स्टैंड ईस्ट (जी 2) एवं रिवर्स पवेलियन (जी 2) सहित स्टेडियम के शेष कार्यों की प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने एजेंसी को कार्य में विलम्ब करने के लिए कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित माइलस्टोन के अनुसार काम नहीं होगा तो कंपनी पर पेनल्टी लगाया जाएगा। मार्च तक निर्धारित मिले लक्ष्य में कमी पाए जाने पर विभाग कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के बारे में कार्रवाई करेगी।

श्री रवि ने एजेंसी को कार्य स्थल पर मैन पावर बढ़ाने के लिए भी निर्देश दिया है। क्रिकेट स्टेडियम में 4 हाई मास्ट लाइट्स लगाईं जानी है। उन्होंने कहा कि हाई मास्ट लाइट्स लगाने के लिए बीसीसीआई से सहमति प्राप्त कर लें जिससेअंतर्राष्ट्रीय मैचों के दौरान किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो। उन्होंने बताया कि खिलाडियों के प्रैक्टिस के लिए पांच पिचें फरवरी माह में तैयार हो जाएगी। दो प्रैक्टिस पिच लाल मिट्टी एवं तीन प्रैक्टिस पिच काली मिट्टी से बन रही है।

श्री रवि ने इस क्रम में उन्होंने राजगीर खेल परिसर में निर्माणाधीन 3 बहुउद्देशीय हॉल के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने हॉल का निर्माण जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया जिससे कई तरह के इंडोर खेलों का आयोजन किया जा सके। उन्होंने साइकिल वेलोड्रम का कार्य भी तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। इसके अलावा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि खेल परिसर के करीब 18 एकड़ भूखण्ड पर निर्माणाधीन राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का मैदान एवं पवेलियन का कार्य पूर्ण हो चुका है। स्टेडियम का बिल्ट-अप एरिया 52318 वर्ग मीटर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमा रके कर-कमलों से क्रिकेट मैदान एवं पवेलियन का लोकार्पण सम्पन्न हो चुका है।

श्री रवि ने बताया कि बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटर की देखरेख में अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पिचों को तैयार किया गया है। यहां कुल 13 पिचें तैयार की गई हैं, जिनमें 96 पिचें महाराष्ट्र के पुणे की लाल मिट्टी और 07 पिचें बिहार के मोकामा की काली मिट्टी से तैयार की गई हैं। स्टेडियम को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। लगभग 40,000 दर्शकों के बैठकर मैच का लुफ्त उठाने की व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में मैदान से पानी निकासी के लिये ड्रेनेज प्रणाली विकसित की गई है। क्रिकेट स्टेडियम में खिलाड़ियों एवं दर्शकों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है।

सचिव ने बताया कि मुख्य पवेलियन में कोच और मैनेजर, खिलाड़ियों के परिजन एवं वीवीआईपी मेहमानों के लिए खास स्टैंड बनाए गए हैं। मीडिया बंधुओं एवं कमेंट्री के लिए समर्पित विशेष गैलरी भी है। इसके अलावा प्लेयर्स लाउंज, अम्पायर लाउंज, प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम, वीआईपी सीटिंग, ड्रेसिंग रूम, कोच रूमं, फिजियो रूम, जिम, स्पा, थर्ड अम्पायर रूम, कॉन्फ्रेंस रूम, स्कोर रूम, कैमरा प्लैटफॉर्म, शौचालय सहित अन्य कई तरह की सुविधाएं विकसित की गई हैं।इसके अलावा स्कोर बोर्ड, साउंड सिस्टम, वाटर सप्लाई, फायर अलार्म और फायर फाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। कैमरा प्लैटफॉर्म और टीवी एवं रेडियो कमेंट्री रूम, मैच के प्रसारण को और बेहतर बनाएंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित