जयपुर , मार्च 04 -- राजस्थान में पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने नवनियुक्त कार्मिकों के प्रशिक्षण पर बल देते हुए राजकीय कार्य के समय में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।
डॉ शर्मा बुधवार को पशुधन भवन के सभागार में विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने बैठक के प्रारंभ में होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यादेश का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, निःशुल्क दवाई योजना, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, कृत्रिम गर्भाधान तथा फील्ड स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में प्रगति बढ़ाने के निर्देश प्रदान किए गए। शासन सचिव ने प्रत्येक जिले में नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चत करते हुए 31 मार्च तक लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
उन्होंने एफएमडी टीकाकरण के क्षेत्र में विभाग के काम की प्रशंसा करते हुए बड़े पैमाने पर टीकाकरण का इंद्राज भारत पशुधन एप पर करने के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों के प्रशिक्षण पर बल देते हुए कहा कि विभाग के पास बड़ी संख्या में काम करने वाले लोग उपलब्ध हैं उन्हें काम में लेना चाहिए जिससे विभाग को उनका समुचित लाभ मिल सके।
उन्होंने नवनियुक्त पशु परिचरों को प्रसार कार्यकर्ता के रूप में काम में लेने के निर्देश दिए जिससे पशुपालकों को उनसे संबंधित सूचनाएं समय पर मिल सकें और वे उनका लाभ उठा सकें। इसके साथ ही ऐसे प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश प्रदान किए जिससे बड़ी संख्या में उपलब्ध मानव श्रम को राज्य एवं जनहित में इष्टतम उपयोग के लिए दक्ष बनाया जा सके और उनकी सेवाएं आमजन को मिल सकें।
डॉ शर्मा ने निःशुल्क आरोग्य योजना के विषय में चर्चा करते हुए कहा कि फील्ड में दवाइयों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित हो और सरकार द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क दवाइयों का दुरूपयोग रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं और जो कार्मिक इस कार्य में लिप्त पाए जाते हैं उनके विरूद्ध तत्काल आवश्यक कार्यवाही की जाए।
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