मुंबई , जनवरी 30 -- महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-अजीत पवार (राकांपा-एपी) के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पास रहे अहम विभागों, खासकर 'वित्त' उनके गुट के पास ही रहने की अपील की।
राकांपा-एपी के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलने से पहले राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार से सलाह-मशविरा किया। बैठक के दौरान राकांपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अजीत पवार के पास रहे विभाग, खासकर वित्त विभाग उनके गुट के पास ही रहें।
गौरतलब है कि श्री अजीत पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद और वित्त, उत्पाद शुल्क और खेल सहित प्रमुख विभागों के बारे में फैसले लेने की जरूरत है। राज्य का बजट जल्द ही आने वाला है, इसलिए यह मामला और भी जरूरी लगता है। प्रतिनिधिमंडल में राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे शामिल थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की।
इस बीच राकांपा के दोनों गुटों के संभावित विलय पर बातचीत तेज हो गई है। श्री अजीत पवार गुट के पास दूसरी पंक्ति का नेतृत्व है लेकिन विलय पर कोई निर्णायक फैसला लेने के लिए कोई एक नेता अधिकृत नहीं है, जिससे दूसरे राकांपा गुट का रुख महत्वपूर्ण हो जाता है। पवार परिवार के भीतर सामूहिक चर्चा से कोई फैसला हो सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित