मुंबई , दिसंबर 16 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सरकार और चुनाव आयोग पर आदर्श आचार संहिता को चुनिंदा तरीके से लागू करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इसे सिर्फ मराठी लोगों और विपक्षी पार्टियों के खिलाफ लागू किया जा रहा है।
श्री राउत ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पिछले कुछ दिनों में मुंबई में 'मुंबई को बचाने' और 'मराठी पहचान को बनाए रखने' के लिए लगाए गए पोस्टर सरकार ने एमसीसी के उल्लंघन का हवाला देते हुए डर के मारे हटा दिए हैं। उन्होंने सवाल किया, ''क्या एमसीसी सिर्फ मराठी लोगों और विपक्ष पर लागू होता है? सरकार के अपने लोगों पर नहीं?"श्री राउत ने आरोप लगाया कि धन और शहरी विकास से जुड़े सरकारी आदेश चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से ठीक 10 मिनट पहले तक जारी किए गए थे। उन्होंने कहा, "आखिरी पल तक घोषणाएं की जा रही थीं और आदेश जारी किए जा रहे थे। फिर अचानक शाम 4 बजे चुनाव आयोग जागा और चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी। क्या यह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है?" उन्होंने आयोग पर सत्ताधारी सरकार को खुली छूट देने का आरोप लगाया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित