उज्जैन , अप्रैल 28 -- पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर लगभग 1.84 करोड़ रुपए की बचत की है।
रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय रेलवे ऊर्जा आवश्यकताओं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में रतलाम मंडल सौर ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के मार्गदर्शन में तथा वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (पावर) लेफ्टिनेंट डी.के. प्रजापति के निर्देशन में बिजली विभाग द्वारा पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।
मंडल में विभिन्न स्थानों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं और उनके रखरखाव एवं नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे अधिकतम दक्षता के साथ ऊर्जा उत्पादन सुनिश्चित हो सके। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में 35.53 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन संभव हुआ।
अधिकारियों के अनुसार मंडल द्वारा रेलवे कार्यालयों, प्लेटफॉर्म कवर शेड, स्टेशन भवनों और अन्य परिसरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 8 स्थानों पर कुल 388 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिनमें इंदौर कोचिंग डिपो, निर्माण भवन, डॉ. अंबेडकर नगर स्टेशन, देवास स्टेशन, इंदौर आरक्षण कार्यालय, हॉस्टल तथा लिमखेड़ा और मंगलमहूड़ी स्टेशन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रतलाम मंडल के विभिन्न स्थानों पर लगभग 3299 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित हैं, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है।
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