भरतपुर , फरवरी 15 -- राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त रणथंभौर किले में पम्प सेट से हो रहे ध्वनि प्रदूषण को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों ने पक्षी और वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका जताई है।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि हमीर महल के पास स्थित उद्यान में पुरातत्व विभाग द्वारा सिंचाई के लिए पदला तालाब में दशकों पहले लगाया गया पम्प सेट तकनीकी रूप से जर्जर हो चुका है। ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण रणथंभौर किला परिसर में बाघ अभयारण्य की कई प्रजातियों के पक्षी और वन्यजीव विचरण करते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण का होना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार पम्प सेट के चालू होते ही इसकी तेज गड़गड़ाहट जब दूर दूर तक सुनाई देती है तो पर्यटक इस शोर से असहज महसूस करते हैं वहीं पक्षी और अन्य वन्यजीवों के स्वाभाविक व्यवहार पर भी इसका असर पड़ रहा है। बताया गया कि स्थानीय लोगों और गाइडों की ओर से कई बार पुरातत्व विभाग को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। धरोहर स्थल पर इस तरह के ध्वनि प्रदूषण को लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने भी चिंता जताई है।

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