भरतपुर , जनवरी 23 -- राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के जोन नंबर चार में बाघिन रिद्धि के ढाई वर्षीय नर शावक और एक बगुले के बीच करीब 10 मिनट तक चली अठखेली ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जंगल के इस दुर्लभ एवं विस्मयकारी नजारे में ऐसा लगा रहा था कि अठखेलियों के बीच शावक इस बगुले का शिकार करके उसे अपना आहार बना लेगा, लेकिन पर्यटक उस समय आश्चर्यचकित रह गये जब शावक ने अपने मुंह में जकड़े बगुले को आजाद कर दिया और बगुला भी मौत के जबड़ों से छूटकर खुले आसमान में उड़ गया।
इस नजारे को पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद भी किया। पर्यटकों के साथ सफारी पर गये गाइड ने बताया कि शावक बगुले को मुंह में लेकर घूमता रहा। कभी वह बगुले को मुंह से निकालता और बगुला जब उड़ने की कोशिश करता तो शावक फिर उसे दबोच लेता।
बगुले को पांच मिनट तक मुंह में दबोचे हुए वह मलिक तालाब के पास घूमता रहा। सभी को लगा कि शावक उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा, लेकिन, पांच मिनट बाद जब बाघ बैठ गया और बगुले को अपने पंजे के पास मुंह से निकाला तो वह जिंदा निकला। इसके बाद शावक ने बगुले को जिंदा छोड़ दिया। गाइड के अनुसार रणथम्भौर के जंगल में वैसे तो अक्सर रोचक नजारे सामने आते रहते हैं, लेकिन इस तरह के नजारे दुर्लभ ही होते हैं।
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