भरतपुर , दिसम्बर 14 -- राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के रणथंभौर बाघ अभयारण्य के बालेर रेंज के दायरे वाले गांवों एवं खेतों में हिंसक वन्यजीवों की लगातार आवाजाही से ख़ौफ़ज़दा ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करके नाराजगी जाहिर की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में कई दिनों से भालू एवं तेंदुए की गतिविधियों से डरकर फसलों की रखवाली के लिए खेतों में जाने से किसान कतराने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बालेर कस्बे में आए दिन भालू की मौजूदगी देखी जा रही है। ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

वहीं, इन दिनों खेतों में तेंदुए की लगातार आवाजाही बनी हुई है। इसके बावजूद अब तक वन विभाग की ओर से उसे पकड़ने के लिए कोई पिंजरा नहीं लगाया गया है। इस मामले को लेकर वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि रेंज के दायरे वाले गांवों एवं खेतों में हिंसक वन्यजीवों का आनाजाना आम बात है। फिर भी लोगों की समस्या को जल्दी ही दूर करके उन्हें भयमुक्त करने के लिए विभाग ठोस कदम उठा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व बालेर रेंज में कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर (मध्यप्रदेश) से एक चीता पहुंच गया था जिसे वन विभाग ने ट्रेंक्युलाइज कर फिर से मध्यप्रदेश भिजवाया था।

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