नयी दिल्ली , मार्च 25 -- भारत और अमेरिका ने रक्षा सहयोग बढाने तथा व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह की बैठक के इतर अमेरिका की रक्षा नीति के अवर सचिव एल्ब्रिज ए. कोल्बी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी में नई गति पर जोर दिया गया।

रक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि दोनों देशों ने विभिन्न माध्यमों से रक्षा सहयोग को बढाने की प्रतिबद्धता दोहरायी है।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा ," आज नई दिल्ली में 18वीं भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह की बैठक आयोजित की गई। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अमेरिकी रक्षा नीति अवर सचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने इस वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने मौजूदा पहलों की समीक्षा की, रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की, और संयुक्त अभ्यासों, प्रशिक्षण दौरों तथा रणनीतिक आदान-प्रदान के माध्यम से सैन्य-से-सैन्य सहयोग को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।"अधिकारियों ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

श्री कोल्बी इस सप्ताह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ताओं के लिए भारत आए हैं। उनकी यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़े हुए हैं, विशेषकर लंबे समय से जारी पश्चिम एशिया संकट के बीच।

यह यात्रा पिछले वर्ष फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त बयान में उल्लिखित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को लागू करने के लिए की जा रही है।

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार श्री कोल्बी की वार्ताएं रणनीतिक और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर केंद्रित होंगी, जो बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा में दोनों देशों की साझा रुचियों को दर्शाती हैं।

भारतीय नेताओं के साथ उनकी बातचीत को अमेरिका के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत वह पश्चिम एशिया में संघर्ष और हिन्द प्रशांत क्षेत्र में विकसित हो रही सुरक्षा आवश्यकताओं के बीच नई दिल्ली के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहता है।

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