लखनऊ , दिसंबर 5 -- बाराबंकी के प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामशरण वर्मा ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की कृषि नीतियों ने विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए रास्तों का निर्माण किया है।
उन्होने कहा कि किसानों की सुविधा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर बीते साढ़े आठ वर्षों में राज्य सरकार ने ऐसी योजनाएं लागू की हैं, जिनसे खेती अब लाभकारी तथा तकनीकी रूप से उन्नत होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। किसान सम्मान निधि से लेकर टिश्यू कल्चर आधारित उन्नत खेती के प्रोत्साहन, बीज छूट, कृषि यंत्रों पर रियायत और फसलों के मूल्य का त्वरित डिजिटल भुगतान जैसे कदमों ने प्रदेश में नई कृषि क्रांति की शुरुआत की है।
रामशरण वर्मा बताते हैं कि 32 वर्ष पहले उनके द्वारा 6 एकड़ से शुरू हुई खेती आज सहकारिता आधारित बटाई मॉडल पर 275 एकड़ तक पहुंच चुकी है। केला, टमाटर, आलू, मेंथा, तरबूज, खरबूजा और गेहूं जैसी विविध फसलों के चक्र पर आधारित खेती से उत्पादन और लाभ दोनों में बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, योगी सरकार के प्रोत्साहन से टिश्यू कल्चर केले के उत्पादन ने किसानों को नई दिशा दी है। राज्य में अब 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में टिश्यू कल्चर केले की खेती हो रही है। वर्मा बताते हैं कि टमाटर में 60 हजार रुपए की लागत पर दो से ढाई लाख रुपए तक का लाभ संभव हो रहा है और टमाटर उत्पादन को मिले सरकारी प्रोत्साहन ने 50 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित की है। छोटे किसान जो पहले बीस से पच्चीस हजार कमाते थे, वे अब डेढ़ से दो लाख रुपए वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। कई मजदूर भी नवाचार आधारित खेती सीखकर आज हाइटेक किसान बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में किसानों को मिलने वाली किसान सम्मान निधि ने खेती की बुनियाद को मजबूत किया है। वहीं एसपीओ के माध्यम से खेती करने वालों को कृषि यंत्रों पर मिलने वाली छूट और विभिन्न अनुदानों ने कृषि उत्पादन लागत को कम किया है। इतना ही नहीं, योगी आदित्यनाथ की सरकार ने किसानों को फसलों व उत्पाद बेचने के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराया है। किसानों के गेहूं या धान बेचते ही 24 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से भुगतान पहुंच जाता है। इससे किसानों को लंबे समय तक भुगतान का इंतजार नहीं करना पड़ता, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के समय यही भुगतान एक से दो सप्ताह तक लटका रहता था। किसानों का मानना है कि इस व्यवस्था ने उनकी आर्थिक सुरक्षा को बेहद मजबूत किया है। बीजों की छूट, अनुदान व्यवस्थाएं, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों तक पहुंच और उत्पादों को स्थानीय से लेकर बड़े बाजारों तक खपाने के प्रयास मुख्यमंत्री की मजबूत इच्छाशक्ति और किसानों के कल्याण के प्रति उनके समर्पण को सिद्ध करते हैं।
वर्मा का मानना है कि प्रदेश के किसान असली सोना हैं और जब उनकी आमदनी बढ़ेगी तो प्रदेश तरक्की करेगा। योगी सरकार ने चारों ओर से किसानों की सुरक्षा, आय वृद्धि और तकनीकी विकास का ऐसा ढांचा तैयार किया है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को कृषि समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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