, Dec. 19 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े आठ साल पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। अब ऐसा नहीं है। उत्तर प्रदेश नई आभा से चमक रहा है। यह प्रदेश विरासत और विकास का बेहतरीन केंद्र बन गया है। उत्तर प्रदेश की नई पहचान डबल इंजन की भाजपा सरकार ने बनाई है।

योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार विरासत और विकास की सोच से आगे बढ़ रही है। इसी सोच से प्रदेश का तीव्र गति से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकास ही परिवर्तन लाकर लोगों की धारणा बदलता है। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व गोरखपुर की क्या पहचान थी यह किसी से छिपा नहीं है। बीमारी, गंदगी, अराजकता, माफियागिरी, बिजली को तरसते लोग, बुनियादी सुविधाओं का अभाव यही गोरखपुर की पहचान थी। गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के नाम पर बाहर के लोग हेय दृष्टि से देखते थे। यहां के नागरिकों के समक्ष पहचान का संकट था।

मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि आज गोरखपुर में क्या कुछ नहीं है। पूर्व की सरकारों में बंद खाद कारखाना आज चल रहा है। रात में यहां की जगमग लाइट नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गोरखपुर का दर्शन कराती है। गोरखपुर एयरपोर्ट से आगे बढ़ते ही एम्स स्वागत करता है गोरखपुर के जिस बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सपा सरकार ने बेचने का प्रयास किया था आज अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ उपचार का नया केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस रामगढ़ताल को लेकर सांसद रविकिशन के ट्वीट पर सपा की तरफ से अभद्र टिप्पणी की गई वह आज पर्यटन का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। जबकि सपा सरकार में रामगढ़ताल अपराध का केंद्र हुआ करता था और यहां गंदगी हुआ करती थी।

योगी ने कहा कि गोरखपुर अब माफिया, मच्छर, बीमारी से मुक्त हो चुका है। इंसेफेलाइटिस की समस्या का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में सड़कों की नई श्रृंखला खड़ी दिखाई देती है। पहले लखनऊ जाने के लिए वाया अयोध्या ही एक मार्ग थाए अब लिंक एक्सप्रेसवे से भी लखनऊ जाने में काफी आसानी हो गई है। वाराणसी जाने के लिए पहले टूलेन की सड़क थीए अब वह फोरलेन हो चुकी है। वाराणसी की दूरी छह से आठ घंटे की बजाय ढाई से तीन घंटे में पूरी हो जा रही है। जबकि लखनऊ जाने में भी महज तीन से साढ़े तीन घंटे लग रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की तरह ही सरकार प्रदेश के सभी महानगरों का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि जो अयोध्या जर्जर और वीरान थी आज वह विकास के पैमाने पर चमक कर त्रेतायुग का एहसास कर रही है। काशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों की काशी बनकर देश आध्यात्मिक राजधानी बन दुनिया भर के लोगों को लुभा रही है। गंगा, यमुना, सरस्वती की त्रिवेणी का प्रयागराज इंफ्रास्ट्रक्चर की नई आभा से चमक रहा है। महाकुंभ में वहां 66 करोड़ श्रद्धालु आए। इतनी बड़ी आबादी दुनिया में सिर्फ दो देश भारत और चीन के पास है। जो भी गया यूपी का गुणगान करके गया।

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