लखनऊ , दिसंबर 17 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पीएसी के संस्थापना दिवस समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर सर्वोत्तम वाहिनी, सर्वोत्तम बाढ़ राहत दल, उत्कृष्ट खिलाड़ी, बेस्ट पुलिस मॉडर्न स्कूल और शीर्ष मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर उत्तम वाहिनी के लिये 32 वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ की सेनानायक प्राची सिंह,अतिउत्तम वाहिनी के लिये 39वीं वाहिनी पीएसी मीरजापुर की सेनानायक नेपाल सिंह और सर्वोत्तम वाहिनी के लिये 47वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद की सेनानायक चारू निगम ने मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कार प्राप्त किया।
अति उत्तम प्लाटून ड्रिल का पुरस्कार 36वीं वाहिनी पीएसी के अनिल कुमार पांडेय ने लिया जबकि सर्वोत्तम प्लाटून ड्रिल का 37वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक बजरंग बली ने पुरुस्कार प्राप्त किया। अति उत्तम डिमांस्ट्रेशन के लिये 36वीं वाहिनी पीएसी वाराणसी के सेनानायक डॉ. अनिल कुमार पांडेय ने पुरस्कार प्राप्त किया वहीं सर्वोत्तम डिमास्ट्रेशन ट्रॉफी 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद के सेनानायक दिनेश यादव ने प्राप्त की। सर्वोत्तम खिलाड़ी मुख्य आरक्षी किशन कुमार मिश्र, 25वीं वाहिनी पीएसी रायबरेली चुने गये। उन्होने अखिल भारतीय भारोत्तोलन कलस्टर प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण पदक हासिल किया।
35वीं वाहिनी पीएसी परिसर, महानगर में हुए समारोह में पीएसी के जवानों-खिलाड़ियों ने हैरत अंगेज प्रदर्शन कर सभी की वाहवाही लूटी। यहां खिलाड़ियों/जवानों के प्रदर्शन में अनुशासन, खेल व राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम दिखा। सबसे पहले 44 खिलाड़ियों की टीम ने मलखंभ पर शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के जरिए यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया। इसके बाद जिम्नास्टों का प्रदर्शन देख दर्शकों ने तालियों से जवानों का उत्साहवर्धन किया। योग की टीम ने विभिन्न आसन कर 'स्वस्थ भारत' का संदेश दिया तो वहीं पीटी डिस्प्ले की टीम ने भी अपने प्रदर्शन से बताया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। बैंड प्रदर्शन ने राष्ट्रभक्ति समेत विभिन्न धुन बजाकर देशप्रेम की भावना का संचार किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जवानों की प्रस्तुति देखी और अपने संबोधन में सभी की प्रशंसा करते हुए उनकी हौसलाअफजाई की। उन्होने कहा कि यूपी पुलिस के गार्ड ऑफ ऑनर, पीएसी बल की पहचान मलखंभ, जिम्नास्टिक, वेपन्स ड्रिल, पीटी डिस्प्ले, बैंड प्रदर्शन को देखा। पीएसी जवानों द्वारा वंदे मातरम का धुन प्रस्तुत किया गया। वंदे मातरम ने आजादी के लिए उस समय नौजवानों को जोश प्रदान किया था। इस गीत ने तत्कालीन युवा पीढ़ी को मंत्र के रूप में नई प्रेरणा प्रदान की थी। उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सार्वजनिक स्थलों पर पीएसी के बैंड ने राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने के लिए जो अभिनव पहल प्रारंभ किया है, वह सराहनीय है।
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