पटना , दिसंबर 28 -- बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपी) ने यू- डायस 2025- 26 के अंतर्गत स्कूली बच्चों, शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सभी आंकड़े 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया है।

साथ ही समय- सीमा का पालन नहीं करने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ-ईई व एसएसए) के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बीईपी के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों को पत्र जारी किया है। पत्र में बताया गया है कि शिक्षा मंत्रालय की ओर से यू- डायस 2025- 26 के आंकड़ों की इंट्री की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। हालिया समीक्षा में सामने आया है कि यू- डायस 2024- 25 की तुलना में 2025- 26 के आंकड़ों में पांच लाख, 93 हजार, 845 विद्यार्थियों की इंट्री कम पाई गई है। वर्ष 2024- 25 में सरकारी विद्यालयों में नामांकित एक करोड़, 70 लाख से अधिक छात्रों में से केवल एक करोड़, 64 लाख विद्यार्थियों का ही नाम यू- डायस 2025- 26 में दर्ज है।

बीईपी ने स्पष्ट किया है कि यदि इन बच्चों के आंकड़े अपडेट नहीं किये गये तो भारत सरकार की ओर से मिलने वाली राशि आवंटित नहीं होगी, जिससे विद्यार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जायेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित डीईओ और डीपीओ की होगी।

इसके अलावा कुछ जिलों में शौचालय, पेयजल, रैम्प, चहारदिवारी और आईसीटी लैब जैसी भौतिक सुविधाओं और दिव्यांग बच्चों के आंकड़ों में भी कमी पाई गई है। परिषद ने इन सभी बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन कर 31 दिसंबर तक आंकड़े पूर्ण करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी।

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