मुंबई , जनवरी 31 -- दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठित इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष और पूर्व विधायक एवं अधिवक्ता यूसुफ अब्राहानी को 2025 के 100 सबसे प्रभावशाली भारतीय मुसलमानों की सूची में शामिल किया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी स्थित मुस्लिम मिरर द्वारा प्रतिवर्ष जारी की जाने वाली यह सूची, मुस्लिम समुदाय के उन व्यक्तियों को सम्मानित करती है जिन्होंने राजनीति, संस्कृति, शिक्षा, व्यवसाय, मीडिया, धर्म, खेल और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
श्री अब्राहनी को सामुदायिक नेतृत्व की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्हें धार्मिक मार्गदर्शन, वकालत, सामाजिक जागरूकता और संस्थागत नेतृत्व में उनके कार्यों के लिए मान्यता दी गयी है। इस श्रेणी में उन्हें कई प्रमुख हस्तियों के साथ शामिल किया गया है। इनमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख अरशद मदनी, जमात-ए-इस्लामी हिंद के नेता मलिक मोतसिम खान, दाऊदी बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन, जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सादातुल्लाह हुसैनी और ऑल इंडिया इमाम संगठन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी शामिल हैं।
मुंबई के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में जानी-मानी हस्ती अब्राहनी पेशे से अधिवक्ता हैं। वह दो बार पार्षद रह चुके हैं और बाद में बतौर विधायक मानखुर्द-शिवाजीनगर का प्रतिनिधित्व किया। वह महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
वह अभी मरीन ड्राइव पर मौजूद मशहूर इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष हैं।
सामाजिक और सामुदायिक स्तर पर श्री अब्राहनी कई पहलों से जुड़े रहे हैं। इनमें 'सभी के लिए पैगंबर' भी शामिल है। इस अभियान को पैगंबर मुहम्मद के बारे में जागरूकता फैलाने और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के मकसद से देशभर में चलाया गया।
उन्होंने कैंसर मरीजों और कम वेतन वाले मस्जिद इमामों की मदद के लिए 'खिदमत फाउंडेशन' के साथ भी काम किया है। हाल ही में उन्होंने लोगों को फिजूलखर्ची वाली शादियों से बचने और करोड़ों रुपये का फालतू खर्च रोकने को बढ़ावा देने वाली नयी पहल शुरू की है।
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