मुंबई , दिसंबर 11 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ मुक्त व्यापार संधि (एफटीए) को लेकर प्रतिबद्ध है और यह दोनों देशों से लिए फायदेमंद होगा।
श्री गोयल ने यहां 'इटली-भारत व्यापार मंच' को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इटली के बीच पिछले आठ महीने में यह तीसरा व्यापारिक संवाद है। दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, ईयू-भारत एफटीए को आगे बढ़ाने तथा संयुक्त व्यापार और निवेश के अवसरों को विकसित करने पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हम मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि भारत-इटली संबंध 21वीं सदी का सबसे निर्णायक संबंध बने। भारत एफटीए को लेकर प्रतिबद्ध है, जो एक न्यायसंगत, संतुलित और समान अवसर प्रदान करने वाला मुक्त व्यापार समझौता होगा। यह ईयू और भारत दोनों के लिए लाभदायक होगा, और हमें इसे अंतिम स्वरूप देना चाहिये।"उन्होंने कहा कि भारत और इटली व्यापार, निवेश, अनुसंधान, नवाचार और अपने लोगों के बीच संबंधों सहित प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना के कार्यान्वयन की दिशा में सक्रिय कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों के कलपुर्जों, कपड़ा, चमड़े के सामान कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारतीय और इटली के उद्योग एक साथ काम कर सकते हैं। भारतीय कंपनियां अनुसंधान एवं विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, खेल सामान, रक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार हैं।
इटली के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री एंटोनियो तायानी ने नवाचार, अनुसंधान और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में और अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "मुझे देश में अपार संभावनाएं दिखती हैं। इटली 2027 तक 700 अरब यूरो के निर्यात का लक्ष्य रखता है, और भारत एक प्रमुख साझेदार है। इटली की कई कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और खेल, वाहन उद्योग जैसे क्षेत्रों में और अवसर मौजूद हैं। हम देश में अधिक निवेश करना चाहते हैं, अपने निर्यात को बढ़ाना चाहते हैं और इटली में भारतीय निवेश का स्वागत करते हैं।"श्री तायानी ने कहा कि भारतीय बाजार में अपार अवसर हैं और खेल, वाहन, रक्षा, फार्मा, अंतरिक्ष और संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्र इटली की कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत-पश्चिम एशिया आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) कॉरिडोर के बारे में श्री गोयल ने कहा कि इससे माल के अधिक सुगम और तेज प्रवाह का मार्ग प्रशस्त होगा। आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत बनाने के लिए कच्चे माल की लागत कम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "आज के समय में, जब व्यापार का हथियार की तरह इस्तेमाल हो रहा है, हम आपूर्ति श्रृंखला के लिए सीमित भौगोलिक क्षेत्रों पर निर्भर रहने का जोखिम नहीं उठा सकते। खुले व्यापार में विश्वास रखने वाले देशों के लिए यह आवश्यक है कि वे एक-दूसरे पर भरोसा करें और मिलकर वैश्विक बाजार को प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध करायें।"कार्यक्रम में फिक्की के अध्यक्ष और आरपीजी समूह के उपाध्यक्ष आनंद गोयंका, महिंद्रा समूह के उपाध्यक्ष अमित कुमार, कोलकाता में इटली के महावाणिज्य दूत रिक्कार्डो डल्ला कोस्टा, फिक्की स्पोर्ट्स कमेटी के सह-अध्यक्ष और मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष अमित भल्ला और बेंगलुरु में इटली के महावाणिज्य दूत जियान्दोमेनिको मिलानो ने अपने विचार रखे।
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