नयी दिल्ली , फरवरी 5 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय संघ तथा अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौतों से विश्व में स्थिरता का संचार हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत आज तेजी से विकास के पथ पर बढ़ रहा है और अपनी निम्न महंगाई दर के साथ तीव्र आर्थिक वृद्धि के चलते विश्व में आशा की एक किरण बना हुआ है। श्री मोदी बजट सत्र के प्रारंभ में संसद के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब दे रहे थे। चर्चा के शुरू में कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा किया तथा सदन से उठकर चले गये।
अपनी सरकार के कार्यकाल में विभिन्न देशों और बाजारों के साथ हुए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा, ' भारत ने नौ बड़े देशों और 27 देशों के यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते किये हैं। उन्होंने कहा, 'दुनिया के देश भारत से ऐसे ही डील नहीं करते, कोई विकसित देश अगर विकासशील देश के साथ डील करता है तो बड़ी बात है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह जवाब देना होगा कि उसने देश की कैसी हालत बनाकर रखी थी ।
प्रधानमंत्री ने कहा, ' पूरा विश्व खुलकर इस व्यापार समझौते की तारीफ कर रहा है। ईयू और अमेरिका के साथ डील्स (व्यापार समझौतों) के बाद अब वैश्विक स्तर पर स्थिरता आई है।' उन्होंने कहा, ' भारत विश्व के साथ स्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है। दुनिया समानता के साथ भारत को देखती है। हमारे एमएसएमई इकाइयों पर दुनिया का भरोस बढ रहा है। बड़े बडे़ देश भारत के साथ व्यापारिक संबंध बनाने के लिए आतुर हैं ।'श्री मोदी ने कहा कि आर्थिक सामर्थ्य हो, देशवासियों में जज्बा हो, भारत विनिर्माण का केंद्र बने , यह वोट बैंक की राजनीति में डूबे लोगों की प्राथमिकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि जहां तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है , लाल किले से कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषणों में न सोच थी, न विजन था और न ही इच्छाशक्ति थी इसी का खामियाजा देश को इतना लम्बा भुगतना पड़ा । उससे बनी देश की छवि को साफ करने में इस सरकार को बड़ी ऊर्जा लगानी पड़ी है। उन्होंने कहा, 'नीतियों के आधार पर देश चल रहा है जिससे विश्व का भारत में विश्वास बढा है। सरकार सुधार कर रही है, तेज गति से सुधार हो रहे हैं। देश रिफार्म एक्सप्रेस पर सवार है ।
श्री मोदी ने कहा राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की प्रगति का बढाया तरीके और संवेदनशीलता के साथ इसका खाका पेश किया है।
हंगामे के बीच प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर व्यंग करते हुए कहा, ' मेरी प्रार्थना है कि आदरणीय खरगे की जी उम्र देखते हुए बैठकर भी नारे लगा सकते हैं उन्हें कष्ट नहीं होगा। उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दे दीजिए।"उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिषाण में प्रगति का स्वर गूंजा है। राष्ट्रपति ने नौजवान भारत के सामर्थ्य को, हर वर्ग के सामर्थ्य को सदन में रखा है, भारत के भविष्य के बारे में विश्वास व्यक्त किया है। 21 वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा खत्म होकर दूसरी चौथाई में देश विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ तेज गति से आगे बढने वाला है। उन्होंने कहा, 'हर व्यक्ति महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पडाव पर पहुंच चुके हैं। हमें न रूकना है न पीछे मुडकर देखना है और लक्ष्य हासिल करने के बाद ही सांस लेना है।" उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी भारत के उत्तम संयोग है क्यों कि दुनिया के समृद्ध देश बुजुर्ग होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढा है। युवा महत्वपूर्ण प्रतिभा हैं सपने भी हैं सामर्थ्य भी हैं ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में भारत की अर्थव्यवस्था छठे नंबर से फिसल कर 11 पर पहुंचा दिया था, पुन: अब हम तीसरे नंबर पर जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद विश्व में जो स्थिति पैदा हुई उसमें दुनिया संभल नहीं पा रही है। साफ नजर आ रहा है कि दुनिया एक नये वैश्विक व्यवस्था की ओर आगे बढ रही है। बहुत तेजी से आगे बढ रही है। निष्पक्ष विश्लेषण में झुकाव भारत की तरफ है विश्व मित्र विश्व बंधु के रूप में विश्वस्त साझीदार बना है।
उन्होंने कहा कि विश्व कल्याण में उचित भूमिका और सहाय कर रहे हैं ग्लोबल साउथ की चर्चा है। भारत इसकी बुलंद आवाज बन गया है।
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