लखनऊ , जनवरी 29 -- उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूती देने की दिशा में अहम पहल की गई है।

इस क्रम में 'इन्वेस्ट यूपी' के तत्वावधान में लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में दोनों पक्षों ने स्वच्छ ऊर्जा, निवेश और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत यामानाशी प्रांत के सहयोग से प्रदेश में दो ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर सहमति जताई गई। इन केंद्रों का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रीन हाइड्रोजन वैल्यू चेन को मजबूत किया जा सके।

प्रस्ताव के अनुसार, पहला उत्कृष्टता केंद्र कानपुर स्थित एचबीटीयू परिसर में आईआईटी कानपुर और हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) के संयुक्त सहयोग से स्थापित किया जाएगा। दूसरा केंद्र गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी के सहयोग से विकसित होगा। इन केंद्रों से पायलट प्रोजेक्ट, तकनीक के व्यावसायीकरण और उद्योग की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में यामानाशी प्रांत के उप राज्यपाल जुनिची इशिदेरा ने उत्तर प्रदेश के साथ ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं की सराहना की और प्रदेश सरकार को ग्रीन हाइड्रोजन शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। साथ ही अगस्त 2026 में 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के यूपी दौरे की योजना साझा की गई। इस दौरान कानाडेविया कॉर्पोरेशन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक गीगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने में रुचि भी जताई।

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