लखनऊ , अप्रैल 07 -- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश भर में अमान्य विद्यालयों और नियम विरुद्ध चल रही निजी कोचिंग की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को परिषद के सचिव भगवती सिंह आदेश जारी कर सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को 18 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
परिषद के सचिव भगवती सिंह के स्तर से जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालन और शिक्षकों के निजी कोचिंग संस्थानों में संलग्न होने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जबकि इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, परिषद के विनियमों और कोचिंग नियमन से जुड़े नियमों का उल्लंघन माना गया है।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि बिना मान्यता विद्यालय चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में आर्थिक दंड सहित कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही, मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा निजी कोचिंग में पढ़ाना भी नियमों के विरुद्ध है, जिस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परिषद ने उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में कहा है कि शासन स्तर पर पहले ही जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जा चुकी है, जिसमें बीएसए और बीईओ सदस्य हैं। यह समिति अपने-अपने जनपदों में अमान्य विद्यालयों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
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