लखनऊ , जनवरी 12 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित महाकुम्भ-25 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में यूपी पुलिस के इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। 45 दिनों तक चले इस महापर्व के इस मॉडल को स्कॉच गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

महाकुम्भ-25 की तैयारियों को सामान्य "इवेंट मैनेजमेंट" नहीं, बल्कि सिस्टम इंजीनियरिंग की तरह अंजाम दिया गया। इसकी शुरुआत 12 महीने पहले ही कर दी गई थी। भीड़-ओवरफ्लो जैसे हालातों के लिए पहले से टेबल-टॉप अभ्यास, परिदृश्य आधारित परीक्षण और डिजिटल सिमुलेशन के जरिए रणनीति तैयार की गई।

आइसीसीसी चौबीसों घंटे सक्रिय रहा, जहां से भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया, सुरक्षा, रेलवे-बस स्टैंड इनफ्लो अलर्ट तथा विभागों के बीच समन्वय एक ही स्क्रीन पर संभव हुआ। इस सिस्टम में 2,750 से अधिक एआई आधारित कैमरे, चार ऑपरेशनल यूनिट, 400 से अधिक प्रशिक्षित कार्मिक, 1920 हेल्पलाइन कॉल सेंटर, जैम-प्रूफ वायरलेस ग्रिड, एएनपीआर आधारित वाहन निगरानी, वीएमडी डिस्प्ले, तथा 11 भाषाओं वाला AI चैटबॉट "कुम्भ सहायक" जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।

महाकुम्भ जितना बड़ा भौतिक आयोजन था, उतना ही बड़ा इसका डिजिटल नेटवर्क भी था। इसी कारण यह साइबर हमलावरों के निशाने पर रहा। पुलिस की साइबर टीम ने आयोजन के दौरान 60 लाख से अधिक संदिग्ध/मालिशियस साइबर हमलों को विफल किया। इन हमलों के आईपी 25 से ज्यादा देशों से जुड़े पाए गए।

आइसीसीसी का पर्यवेक्षण पूर्व एडीजी भानु भास्कर ने किया। वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी टीमों के सहयोग से इसकी निगरानी और नियंत्रण तेज व सटीक रहा। "ऑफिसर-इन-चार्ज" के रूप में आईपीएस अमित कुमार ने ऑपरेशनल कमांड और टेक्नोलॉजी-ह्यूमन इंटीग्रेशन संभाला जिसको देखते हुए हाल ही में आयोजित 105वें स्कॉच सम्मिट में आइसीसीसी को रेखांकित करते हुए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया है, जो यूपी पुलिस की टेक्नोलॉजी आधारित, नागरिक-केंद्रित और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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