लखनऊ , जनवरी 27 -- स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित 56वें विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए करीब तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं।
सम्मेलन से लौटने के बाद मंगलवार को लोक भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि 19 से 23 जनवरी के बीच हुए इस सम्मेलन में यूपी प्रतिनिधिमंडल ने 119 उच्चस्तरीय बैठकें कीं, जिनके बाद कुल 31 एमओयू संपन्न हुए।
वित्त मंत्री ने बताया कि ये एमओयू डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, ईवी, हेल्थकेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में हुए हैं। सबसे बड़ा एमओयू नीदरलैंड की कंपनी 'एएम-ग्रीन' के साथ हुआ है, जिसके तहत ग्रेटर नोएडा में 1 गीगावॉट क्षमता का एआई आधारित डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में वर्ष 2028 तक करीब 2.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सोलर पावर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा और सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण एमओयू किए गए हैं। इसके अलावा स्टील, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, जल प्रबंधन, माइक्रोग्रिड और स्मार्ट बिल्डिंग्स के क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
वित्त मंत्री ने कहा कि दावोस में हुए सभी एमओयू का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम के तहत विशेष टीम गठित की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था को निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रमुख कारण बताया। खन्ना ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यूपी पवेलियन चारों दिन निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहा और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में यह भागीदारी मील का पत्थर साबित हुई है।
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