सुलतानपुर , मार्च 8 -- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा गौहत्या और गौसंरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार की आलोचना किए जाने पर राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने इसे भ्रामक और प्रदेश को बदनाम करने का प्रयास बताया है।

रविवार को यूनीवार्ता से बातचीत में सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं संन्यासी हैं और गौसेवा उनके जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में गौसंरक्षण के लिए जितने कदम उठाए गए हैं, उतने पहले कभी नहीं हुए। ऐसे में उत्तर प्रदेश को पश्चिम बंगाल से भी बदतर बताना तथ्यहीन है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है और ग्राम पंचायत स्तर तक गौशालाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में हजारों गौशालाएं संचालित हैं, जहां चारा, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है।

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में अवैध बूचड़खानों पर व्यापक कार्रवाई की गई है और गौकशी के मामलों में कड़ी धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यदि उत्तर प्रदेश में गौमाता की स्थिति खराब होने का आरोप लगाया जा रहा है तो इसके समर्थन में आधिकारिक आंकड़े भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गौहत्या के खिलाफ सख्त कानून लागू है, जबकि कई अन्य राज्यों में कानून उतना कठोर नहीं है। ऐसे में प्रदेश की तुलना अन्य राज्यों से करना लोगों को गुमराह करने जैसा है। राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदेश सरकार की छवि खराब करने और समाज में भ्रम फैलाने वाले बयान पर संज्ञान लेकर जांच कराई जाए तथा आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज की जाए।

श्री सिंह ने बताया कि इस विषय को लेकर संगठन की बैठक भी हुई, जिसमें कई पदाधिकारियों ने उनके बयान का समर्थन किया और कहा कि यदि भ्रामक आरोपों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।

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