लखनऊ , मार्च 13 -- उत्तर प्रदेश में वयस्क साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए 15 मार्च को 'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत दूसरी चरण की साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रदेश के लगभग 35,140 केंद्रों पर कराई जाएगी, जिसमें 4.25 लाख से अधिक असाक्षर प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान प्रदान करना है। योजना के तहत 75 प्रतिशत महिलाओं और 25 प्रतिशत पुरुषों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 10 लाख असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार हर वर्ष दो चरणों में साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष पहला चरण 21 सितंबर 2025 को आयोजित हुआ था, जिसमें 1,43,946 असाक्षरों ने भाग लिया था। इनमें से 1,22,146 प्रतिभागी सफल हुए थे।

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सभी जिलों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण और पर्यवेक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

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