लखनऊ , फरवरी 10 -- उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में निर्णायक माने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की मंगलवार से शुरुआत हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधान भवन, लखनऊ से उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष, एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल सहित 21 जिलों के जिलाधिकारी जुड़े रहे।

श्री नड्डा ने कहा कि जब तक 90 प्रतिशत से अधिक पात्र लोग दवा का सेवन नहीं करेंगे, तब तक संक्रमण की श्रृंखला नहीं टूटेगी। यह अभियान उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों के 124 जिलों में चलाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार फाइलेरिया मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 10 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान में आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लगभग 1 करोड़ 40 लाख लोगों को अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगे।

अभियान के अंतर्गत एक वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्तियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित दवाएं-आइवरमेक्टिन, डाइएथाइलकार्बामाजीन (डीईसी) और एल्बेंडाजोल-आयु के अनुसार दी जाएंगी।

राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए. के. चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रदेश में पाँच-स्तम्भीय रणनीति अपनाई गई है, जिसमें एमडीए, रोग प्रबंधन एवं रोकथाम, मच्छर नियंत्रण, अंतरविभागीय समन्वय और नवाचार शामिल हैं। अभियान के तहत सर्वाधिक 13 ब्लॉक शाहजहांपुर में शामिल हैं। इसके बाद बलिया के 12, बाराबंकी के 7, उन्नाव और चित्रकूट के 4-4 ब्लॉक, प्रतापगढ़ के 3 तथा हरदोई, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, अयोध्या और भदोही के 2-2 ब्लॉक में एमडीए अभियान संचालित किया जाएगा। वहीं लखनऊ के माल ब्लॉक सहित रायबरेली, अंबेडकरनगर, खीरी, पीलीभीत, औरैया, बांदा, फतेहपुर और बहराइच में एक-एक ब्लॉक में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी।

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