लखनऊ , फरवरी 1 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।
रविवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बैंकों से सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा। बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक प्रदेश का सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत पहुंच गया है, जो पिछले एक दशक का सर्वाधिक स्तर है। मार्च 2018 में 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले 20 जिले थे, जो अब घटकर पांच रह गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक सभी जनपदों में लक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की तर्ज पर एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओसी) को भी ब्रांड के रूप में विकसित करने का आह्वान किया और कहा कि इससे छोटे व्यापारियों, पारंपरिक कारीगरों और गिग वर्कर्स को लाभ मिलेगा। उन्होंने बैंकों से किसान, एमएसएमई, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को ऋण उपलब्धता सरल और समयबद्ध बनाने को कहा। अनावश्यक दस्तावेजों और देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि लाभार्थीपरक योजनाओं की सफलता बैंकों के सहयोग से ही संभव है। जिलों में प्रत्येक माह डीएलबीसी बैठक सुनिश्चित करने और सीएसआर के माध्यम से प्रदेश के विकास में सहभागिता बढ़ाने का भी आह्वान किया गया।
बैठक में बताया गया कि मार्च 2017 से दिसंबर 2025 के बीच प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसी अवधि में जमा राशि 8.92 लाख करोड़ से बढ़कर 20.44 लाख करोड़ और ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। ऊर्जा, कृषि, उद्योग और एमएसएमई क्षेत्रों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए हैं। 20 फरवरी और 16 मार्च को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरण का लक्ष्य है। वित्तीय समावेशन में भी प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जनधन, जीवन व दुर्घटना बीमा और अटल पेंशन योजना में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
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