, Dec. 11 -- नयी दिल्ली 11 दिसंबर वार्ता भारतीय हिन्दी लेखाकार (आईसीएआई) के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने कहा है कि विशिष्ट दस्तावेज पहचान संख्या (यूडीआईएन) से धोखाधड़ी के मामलों को। रोकने में काफी मदद मिली है।
श्री नंदा ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2019 में शुरू होने के बाद से यूडीआईएन 10 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है यानी मौजूदा समय में 10 करोड़ से ज्यादा लोग दुनिया भर में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूडीआईएन से फर्जीवाड़े के मामलों में कभी आई है और इसका इस्तेमाल करने की वजह से करीब 70 से 80 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी रोकने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि आईसीएआई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित किया भारत के सपने को साकार करने में जुटा हुआ है और आईसीएआई का हरेक सदस्य पारदर्शिता को सुनिश्चित करते हुए देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा, बदलते वक्त के साथ हम तकनीक और कार्यशैली में सुधार करते रहते हैं। इसी के तहत हम अपने संहिता में कुछ बदलाव कर रहे हैं जो एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
श्री नंदा ने कहा कि अगले साल राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा में विश्व लेखा मंच वोफा का सम्मेलन आयोजित हो रहा है। तीस मार्च से बुधवार एक फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया भर से 25 हजार से ज्यादा सीटें भाग लेंगे, जिनमें कई देशों के चार्टर्ड अकाउंटेंट की संस्था के अध्यक्ष भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों तक लेखा से संबंधित विभिन्न विषयों पर गहन मंथन और विचारों का आदान-प्रदान होगा।
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