देहरादून , मार्च 31 -- उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के निदेशक मंडल की 133वीं बैठक मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष, यूजेवीएनएल आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई। बैठक में निदेशक मंडल द्वारा निगम के विभिन्न विषयों से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर विचार‐विमर्श किया गया। साथ ही, नई परियोजनाओं के निर्माण से संबंधित कई प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया।
इस दौरान जनपद पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 120 मेगावाट की सिरकारी भ्योल रूपसिया बगड़ जल विद्युत परियोजना के सिविल कार्यों को प्रारंभ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। साथ ही जनपद देहरादून में 600 मेगावाट की इछाड़ी पंप स्टोरेज परियोजना के निविदा प्रपत्र तैयार करने के लिए सक्षम स्तर से ही स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। जबकि टौंस नदी पर जनपद देहरादून में प्रस्तावित 72 मेगावाट की त्यूणी पलासू परियोजना के सिविल तथा हाइड्रो-मैकेनिकल निर्माण कार्य आवंटित करने के प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत कर दिया गया। निदेशक मंडल द्वारा पबर नदी पर प्रस्तावित 81 मेगावाट की आराकोट त्यूणी जल विद्युत परियोजना की डी.पी.आर. की स्वीकृति को भी दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर के साथ ही स्वतंत्र निदेशक इंदु कुमार पांडेय, बी.पी. पांडेय, पराग गुप्ता के साथ ही यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक ए.के.सिंह, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चन्द्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष जैन उपस्थित रहे।
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